25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रात में ही होता था पूरा काम, बिलासपुर में पकड़ाए 23 बांग्लादेशियों से पूछताछ, पश्चिम बंगाल से रिपोर्ट का इंतजार

Bilaspur News: सुंदरवन के जंगल और गंगा-पदमा के रास्ते से बांग्लादेशी भारत में घुसपैठ करते हैं। बिलासपुर में पकड़ाए 23 बांग्लादेशियों से पूछताछ में इसका खुलासा हुआ है..
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बिलासपुर

•

image

Chandu Nirmalkar

•

Updated: 8 Sep 2026, 2:51 PM IST

Chhattisgarh news, chhattisgarh hindi news, bilaspur news

23 बांग्लादेशी की जांच जारी ( AI Photo )

Chhattisgarh News: बांग्लादेशी नागरिकता के संदेह में पकड़े गए 23 लोगों की जांच में पुलिस को भारत आने के तरीकों को लेकर भी अहम जानकारी मिली है। कुछ लोग सीमा पार करने के लिए नदी और जंगल के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। बड़े टायर और ट्यूब में हवा भरकर उसमें बैठकर नदी पार करने और रात के अंधेरे में भारत पहुंचने की बात भी सामने आई है।

Bilaspur News: सुंदरवन के जंगलों वाले रास्तों का उपयोग

इसके लिए पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच बहने वाली गंगा-पदमा नदी के साथ सुंदरवन के जंगलों वाले इलाकों का उपयोग हो रहा था। बड़े-बड़े ट्यूब व टायरों को पानी में तैरने लायक बनाया जाता था। इसके बाद उसमें बैठकर नदी पार करने की कोशिश की जाती थी। कुछ मामलों में अपने साथ मवेशियों और अन्य पशुओं को भी लाने की बात सामने आई है।

रात में पार करते थे जंगल-नदी

प्राथमिक जांच में यह बात भी निकलकर सामने आ रही कि सीमा क्षेत्र के ऐसे हिस्सों को आवाजाही के लिए चुना जाता था, जहां घने जंगल, नदी और दुर्गम इलाका होने के कारण निगरानी अपेक्षाकृत कठिन होती है। बिलासपुर में पकड़े गए संदिग्धों की जांच में दस्तावेजों को लेकर भी कई विसंगतियां मिली हैं। जांच में कुछ मामलों में पत्नी के पिता यानी ससुर के नाम को ही आधार कार्ड में पिता के नाम के रूप में दर्ज कराया गया है। संदिग्ध दस्तावेज और मूल पते के सत्यापन के लिए बिलासपुर पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर तक पहुंची है। संबंधित दस्तावेज वहां भेजे गए हैं और सत्यापन रिपोर्ट का इंतजार है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व (डीआईजी) रजनेश सिंह ने कहा कि संदिग्धों के सत्यापन के दौरान उनके दस्तावेज और मूल निवास को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। कुछ मामलों में पहचान से जुड़े दस्तावेज में भी विसंगतियां मिली हैं। पश्चिम बंगाल में संबंधित पते और दस्तावेज का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।