बिलासपुर

बिलासपुर में जिला पंचायत CEO के खिलाफ बसपा का प्रदर्शन, पंचायत सचिव से जातिगत दुर्व्यवहार का आरोप

Panchayat Secretary Suspended: बिलासपुर में जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ बसपा ने प्रदर्शन किया। पंचायत सचिव तुलसी ध्रुव ने कथित जातिगत दुर्व्यवहार और शिकायत के बाद निलंबन का आरोप लगाया है।
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BSP Protest Bilaspur
CEO पर आरोपों को लेकर बसपा ने किया प्रदर्शन (photo source- Patrika)

BSP Protest Bilaspur: जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत सचिव तुलसी ध्रुव ने करीब तीन महीने पहले CEO पर बैठक के दौरान कथित जातिगत दुर्व्यवहार करने और उन्हें बैठक से बाहर निकालने का आरोप लगाया था। इस मामले में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए बसपा ने सोमवार को बिलासपुर में प्रदर्शन किया।

बसपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से रैली निकाली। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत CEO के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर CEO के खिलाफ FIR दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

Chhattisgarh News: अंबेडकर चौक से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली

सोमवार को बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर जुटे। यहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। कार्यकर्ताओं ने जिला पंचायत CEO के खिलाफ नारेबाजी की और पंचायत सचिव के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और अधिकारियों को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। बसपा नेताओं ने कहा कि मामले में शिकायत के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

24 अप्रैल की बैठक से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, 24 अप्रैल को सकरी स्थित वन चेतना केंद्र में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में ग्राम पंचायत नगोई के सचिव तुलसी ध्रुव भी शामिल हुए थे। तुलसी ध्रुव का आरोप है कि बैठक के दौरान जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल ने पहले उनसे उनका सरनेम पूछा। इसके बाद उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया। पंचायत सचिव ने इसे जातिगत आधार पर किया गया कथित दुर्व्यवहार बताते हुए मामले की शिकायत कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों से की।

SC-ST आयोग में भी की शिकायत

पंचायत सचिव ने मामले को लेकर अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग में भी शिकायत की। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। इसी आधार पर बसपा ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए CEO के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, इस पूरे विवाद के बीच जिला पंचायत CEO की ओर से ग्राम पंचायत नगोई के कामकाज की जांच के लिए आठ सदस्यीय टीम गठित की गई। पंचायत सचिव का आरोप है कि उनके द्वारा शिकायत किए जाने के बाद दुर्भावना के चलते उनके खिलाफ जांच शुरू कराई गई।

शिकायत के बाद सस्पेंशन का आरोप

मामले में 13 जुलाई को पंचायत सचिव तुलसी ध्रुव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने 27 जुलाई को नोटिस का जवाब दिया। इसके बावजूद 3 अगस्त को उन्हें निलंबित कर दिया गया। पंचायत सचिव पक्ष का आरोप है कि शिकायत करने के बाद से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। बसपा नेताओं ने पंचायत कार्यवाही निरीक्षण नियम और पंचायत राज अधिनियम का हवाला देते हुए ग्राम पंचायत के कामकाज की जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।

बसपा ने FIR और बर्खास्तगी की मांग की

बसपा ने इस पूरे मामले को कथित जातिगत प्रताड़ना से जोड़ते हुए जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है। पार्टी ने CEO के निलंबन और बर्खास्तगी की मांग भी उठाई है। बसपा नेताओं ने कहा कि संबंधित पंचायत सचिव को कथित तौर पर शिकायत करने के बाद कार्रवाई का सामना करना पड़ा। पार्टी ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

Caste abuse case: CEO संदीप अग्रवाल ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं, जिला पंचायत CEO संदीप अग्रवाल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि बैठक में कथित दुर्व्यवहार का आरोप सही नहीं है। बैठक में कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे और वहां किसी तरह का जातिगत दुर्व्यवहार नहीं हुआ। CEO के मुताबिक, इस मामले की शिकायत पहले ही SC-ST आयोग में की जा चुकी है और आयोग की ओर से जांच भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच उन्होंने स्वयं नहीं बल्कि पुलिस अधीक्षक के माध्यम से कराई थी।

निलंबन के बाद लगातार शिकायत करने की बात

संदीप अग्रवाल ने कहा कि संबंधित कर्मचारी के निलंबन के बाद वह अलग-अलग जगहों पर बार-बार शिकायत कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि बैठक में दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप निराधार हैं। फिलहाल, पंचायत सचिव के आरोप, उनके निलंबन और CEO के पक्ष के बीच यह मामला राजनीतिक रूप ले चुका है। बसपा ने सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने की संभावना है।

Updated on:
18 Aug 2026 11:18 am
Published on:
18 Aug 2026 11:14 am
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