बिलासपुर

सहायक लेखा अधिकारियों का प्रमोशन रद्द, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रिव्यू DPC को दिए ये निर्देश

High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर नगर निगम में सहायक लेखा अधिकारियों की पदोन्नति को निरस्त करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।

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हाईकोर्ट (photo-patrika)

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर नगर निगम में सहायक लेखा अधिकारियों की पदोन्नति को निरस्त करते हुए पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं और पारदर्शिता के साथ पुनः चयन (रिव्यू डीपीसी) कराने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले से निगम की पदोन्नति प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।

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CG High Court: जानें पूरा मामला

यह मामला याचिकाकर्ता भारतेश नेताम द्वारा अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से दायर याचिका के बाद सामने आया। याचिका में कहा गया कि सेवा नियम 2018 के अनुसार पदोन्नति लेखपाल से की जानी थी, लेकिन वर्ष 2025 की विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) में नियमों की अनदेखी करते हुए उनसे कनिष्ठ तीन लेखपाल बाणसागर गुप्ता, अरविंद ताम्रकर और राजकुमार कुर्रे को सहायक लेखा अधिकारी पद पर पदोन्नत कर दिया गया।

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि वह वरिष्ठ होने के साथ-साथ पदोन्नति के लिए पात्र था, फिर भी उसे नजरअंदाज कर दिया गया। इसके विपरीत, उससे कनिष्ठ कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हुए पदोन्नति दे दी गई, जो कि सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

कोर्ट ने निगम के इस तर्क को संतोषजनक नहीं माना

मामले की सुनवाई के दौरान रायपुर नगर निगम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता उस समय पदोन्नति के लिए योग्य नहीं था और उसने आवश्यक लेखा प्रशिक्षण बाद में पूरा किया था। हालांकि, कोर्ट ने निगम के इस तर्क को संतोषजनक नहीं माना।

हाईकोर्ट ने रिव्यू DPC के दिए निर्देश

जस्टिस पी.पी. साहू की एकलपीठ ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि पदोन्नति समिति ने संशोधित नियमों का पालन नहीं किया और योग्य होने के बावजूद याचिकाकर्ता को दरकिनार कर दिया गया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वरिष्ठता और पात्रता के बावजूद पदोन्नति नहीं देना नियमों का उल्लंघन है।

इसी आधार पर कोर्ट ने बाणसागर गुप्ता, अरविंद ताम्रकर और राजकुमार कुर्रे की सहायक लेखा अधिकारी पद पर की गई पदोन्नति को निरस्त कर दिया। साथ ही, निगम को निर्देश दिया गया कि नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पुनः विभागीय पदोन्नति समिति (रिव्यू DPC) का गठन कर चयन प्रक्रिया पूरी की जाए।

कोर्ट के इस फैसले को न केवल संबंधित कर्मचारियों के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि यह सरकारी विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर भी एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रायपुर नगर निगम रिव्यू DPC की प्रक्रिया कब और कैसे पूरी करता है।

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Published on:
27 Apr 2026 02:23 pm
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