
Chhattisgarh Politics: बिलासपुर में कांग्रेस के संभाग स्तरीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में गुरुवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। शिविर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस में टूट-फूट से लेकर भाजपा सरकार के कामकाज, स्मार्ट मीटर, कानून-व्यवस्था और संगठन की मजबूती जैसे मुद्दों पर नेताओं ने अपनी बात रखी।
कांग्रेस में टूट-फूट के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने पार्टी को पूरी तरह एकजुट बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और विधायक मिलकर संगठन को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा में आंतरिक खींचतान का दावा करते हुए कहा कि वहां टूट की स्थिति बनी हुई है।
डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की भूमिका को लेकर कहा कि पार्टी के 35 विधायक केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि एक-एक टाइगर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक और नेता मिलकर पार्टी को मजबूत करेंगे और विधानसभा में जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। महंत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई योजनाओं और दी गई गारंटियों को अब केंद्र की मोदी सरकार अपने नाम से गारंटी के तौर पर पेश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के पुराने कार्यों और योजनाओं को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच तालमेल को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को मंत्रियों के काम की जानकारी नहीं है और मंत्रियों को मुख्यमंत्री के काम का पता नहीं है। महंत के इस बयान को भाजपा सरकार के कामकाज और आपसी समन्वय पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक विधानसभा में सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर घेरने का काम करेंगे। महंगाई, बिजली बिल, योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों की समस्याओं को सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा। डॉ. चरणदास महंत ने दावा किया कि प्रदेश के कई उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर लगने के बाद चार से पांच गुना तक बढ़े बिजली बिल की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर नहीं लगाने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस दिए जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया। महंत ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को बिजली बिल के बढ़ते बोझ से परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांजगीर-चांपा में पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही के कारण प्रदेश में कस्टोडियल डेथ के मामले बढ़ रहे हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने प्रदेश के गृह मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनसे व्यवस्था नहीं संभल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सड़कों, नल-जल योजना और आवास योजना जैसे मुद्दों को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता महंगाई, गैस के बढ़ते दाम और बिजली के बढ़े हुए बिल से परेशान है।
भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के एक बयान को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार को जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, सरकार के कामकाज और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
बिलासपुर में आयोजित यह संभाग स्तरीय संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कवायद का हिस्सा है। इसमें ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को पार्टी संगठन, विचारधारा, चुनावी रणनीति और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भूपेश बघेल ने बताया कि इससे पहले प्रदेश के जिला अध्यक्षों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए थे।
अब ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। दुर्ग संभाग में प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद अब बिलासपुर संभाग में यह शिविर आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान अलग-अलग विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही पार्टी पदाधिकारियों के सवालों और उनकी जिज्ञासाओं का जवाब भी दिया जाएगा।
कांग्रेस के इस प्रशिक्षण शिविर को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी का फोकस ब्लॉक से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति के लिए तैयार करने पर है। शिविर के जरिए पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, वरिष्ठ नेताओं के सरकार पर लगातार हमले यह संकेत दे रहे हैं कि कांग्रेस आने वाले समय में जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी आवाज और मुखर करने की तैयारी में है।