
निजी स्कूल खोलना हुआ आसान (फोटो सोर्स- Adobe Stock)
Private School Recognition: निजी स्कूल शुरू करने और माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। मंडल की नई मान्यता गाइडलाइन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। नई व्यवस्था में एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट और न्यूनतम कॉर्पस फंड की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब ऑनलाइन सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर ही स्कूलों को मान्यता प्रदान की जाएगी।
सेल्फ सर्टिफिकेशन में भवन, लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान, शिक्षक और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देनी होगी। इसी आधार पर मान्यता प्रदान की जाएगी। हालांकि, बाद में यदि दी गई जानकारी गलत पाई जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता निलंबित या रद्द करने के साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। स्कूल संचालक को पर्याप्त आर्थिक संसाधन होने का प्रमाण देना होगा। साथ ही, प्रत्येक शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के तीन महीने के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी।
नई व्यवस्था के तहत पहले हाईस्कूल और उसके बाद हायर सेकंडरी की मान्यता दी जाएगी। एक कक्षा में अधिकतम 45 विद्यार्थी ही रखे जा सकेंगे। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए छह वर्गफीट स्थान जरूरी होगा। हाईस्कूल के लिए कम से कम सात कक्ष अनिवार्य किए गए हैं। जमीन और भवन, अग्नि एवं अन्य सुरक्षा, सीसीटीवी, पेयजल, अलग शौचालय और योग्य शिक्षण स्टाफ से जुड़े मानक भी तय किए गए हैं।
हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग जमीन, भवन, प्राचार्य और शिक्षण स्टाफ रखना होगा। वहीं निजी स्कूल अपने नाम में नेशनल, इंटरनेशनल, केंद्रीय, पीएमश्री और स्वामी आत्मानंद जैसे शब्दों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूल की अगले वर्ष की मान्यता पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रभारी मान्यता खंड, डीईओ बिलासपुर सूर्य प्रकाश कश्यप के मुताबिक, मान्यता से संबंधित कई नियमों में संशोधन किया गया है। इस सत्र जिले में सात नए निजी स्कूलों के संचालन के लिए आवेदन आए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
11 Sept 2026 02:46 pm
Published on:
11 Sept 2026 02:46 pm
