
बस स्टैंड ( File Photo - Patrika )
Bus Fare Increase: बिलासपुर की सड़कों पर 50 सरकारी इलेक्ट्रिक सिटी बसें दौड़ाने की योजना अभी धरातल पर उतरी भी नहीं है कि टकराव की स्थिति बन गई है। निजी बस संचालकों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सिटी बसों के संचालन क्षेत्र को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए इन्हें नगर निगम सीमा तक ही सीमित रखने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 22 सितंबर से बसों के पहिए जाम करने की चेतावनी दी है।
महासंघ का कहना है कि सिटी बसों को शहर से बाहर संचालित किया गया तो निजी बसों का कारोबार सीधे प्रभावित होगा। इसी के साथ निजी बस संचालकों ने बढ़ती महंगाई और डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का हवाला देते हुए यात्री किराया बढ़ाने की मांग भी रखी है।
महासंघ की सबसे बड़ी आपत्ति सिटी बसों के संभावित संचालन क्षेत्र को लेकर है। उसका कहना है कि सिटी बसों का उद्देश्य शहर के भीतर यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि इन्हें शहर से लगे ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों तक चलाया गया तो पहले से संचालित निजी बसों के समान मार्गों पर सरकारी बसें भी दौड़ेंगी। इससे यात्रियों का रुझान सरकारी बसों की ओर बढ़ सकता है और निजी ऑपरेटरों की आय प्रभावित हो सकती है। इससे पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे निजी बस संचालकों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
महासंघ अब सामान्य बसों का किराया बढ़ाकर 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर और डीलक्स एसी बसों का किराया 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि डीजल-पेट्रोल के अलावा स्पेयर पार्ट्स, टायर, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन समेत बस संचालन की लागत लगातार बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने अपनी नौ सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखी हैं। महासंघ अध्यक्ष अनवर अली के मुताबिक, सिटी बसों को नगर निगम सीमा में ही संचालित करने और यात्री किराया बढ़ाने सहित सभी मांगें शासन के सामने रखी गई हैं। उनका कहना है कि 21 सितंबर तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 22 सितंबर से राज्यभर में बसों के पहिए थम जाएंगे। गौरतलब है कि बिलासपुर जिले में करीब 450 छोटी-बड़ी बसें संचालित हैं।
किराए में बढ़ोतरी के पीछे महासंघ ने यह आधार दिया है कि वर्ष 2020 तक सामान्य बसों का किराया 1 रुपए प्रति किलोमीटर था। कोरोना काल में महंगाई और परिचालन लागत बढ़ने के बाद वर्ष 2021 में इसे बढ़ाकर 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर किया गया। इसी दौरान डीलक्स एसी कोच बसों का किराया भी 2 रुपए से बढ़ाकर 2.75 रुपए प्रति किलोमीटर किया गया था।
वर्ष 2025 में परिवहन विभाग ने सामान्य बसों का किराया फिर घटाकर 1 रुपए प्रति किलोमीटर कर दिया। वहीं, डीलक्स एसी कोच बसों का किराया 2.75 रुपए से बढ़ाकर 3 रुपए प्रति किलोमीटर किया गया। सामान्य बसों का किराया घटाए जाने के फैसले का निजी बस संचालक करीब एक साल से विरोध कर रहे हैं।
Updated on:
11 Sept 2026 03:02 pm
Published on:
11 Sept 2026 03:02 pm
