बिलासपुर

77 साल की विधवा मां को मिली राहत! बिलासपुर हाईकोर्ट ने तीन सौतेले बेटों पर डाली भरण-पोषण की जिम्मेदारी

Legal Rights of Stepmother: बिलासपुर हाईकोर्ट ने 77 वर्षीय विधवा सौतेली मां के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तीनों बेटों को हर महीने 3-3 हजार रुपए भरण-पोषण देने का आदेश दिया है। भुगतान सितंबर 2026 से शुरू होगा।
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Chhattisgarh High Court
Chhattisgarh High Court: 77 साल की विधवा मां को मिली राहत(photo-patrika)

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 77 वर्षीय विधवा और निःसंतान सौतेली मां के भरण-पोषण को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल सौतेली मां होने के आधार पर किसी महिला को भरण-पोषण के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए महिला को उसके तीन सौतेले बेटों से हर महीने कुल 9 हजार रुपए भरण-पोषण दिलाने का आदेश दिया है। तीनों बेटों को 3-3 हजार रुपए प्रतिमाह देने होंगे। यह भुगतान सितंबर 2026 से शुरू होगा।

Bilaspur High Court: फैमिली कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका

मामले में 77 वर्षीय महिला ने अपने तीन सौतेले बेटों से हर महीने 20 हजार रुपए भरण-पोषण की मांग की थी। महिला का कहना था कि पति की मृत्यु के बाद बेटों ने उसकी देखभाल करना बंद कर दिया। उसने यह भी दावा किया कि अपने स्त्रीधन और पैतृक संपत्ति से उसने कृषि भूमि खरीदी थी, लेकिन उस संपत्ति से होने वाली आय में उसे कोई हिस्सा नहीं दिया जा रहा था।

महिला ने अपनी आर्थिक स्थिति और असहाय अवस्था का हवाला देते हुए अदालत से नियमित भरण-पोषण दिलाने की मांग की थी। हालांकि, फैमिली कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि संबंधित युवक महिला के सौतेले बेटे हैं।

हाईकोर्ट ने माना सौतेली मां का भी अधिकार

फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला को केवल इस आधार पर भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता कि वह सौतेली मां है। कोर्ट ने माना कि यदि सौतेली मां निःसंतान, विधवा और स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं है, तो परिस्थितियों के अनुसार वह सौतेले बेटों से भरण-पोषण की मांग कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला

हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के कीर्तिकांत डी. वडोदिया बनाम गुजरात राज्य मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया। इसी कानूनी दृष्टिकोण के आधार पर हाईकोर्ट ने महिला को उसके तीन सौतेले बेटों से भरण-पोषण दिलाने का आदेश दिया।

तीनों बेटों को देने होंगे 3-3 हजार रुपए

हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक महिला को हर महीने कुल 9 हजार रुपए भरण-पोषण के रूप में मिलेंगे। तीनों सौतेले बेटों को समान रूप से 3-3 हजार रुपए प्रतिमाह देने होंगे। आदेश के अनुसार यह भुगतान सितंबर 2026 से शुरू किया जाएगा। फैसला ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां वृद्ध और असहाय सौतेली मां को केवल रिश्ते की प्रकृति के आधार पर भरण-पोषण के अधिकार से वंचित करने का सवाल सामने आता है।

Updated on:
27 Aug 2026 01:48 pm
Published on:
27 Aug 2026 01:48 pm