26 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Patrika Interview: शहर को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाए, IAS संजय अग्रवाल ने पत्रिका को दिया जवाब, जानें क्या कहा

IAS Sanjay Agrawal: पत्रिका से खास बातचीत में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शहर से उनका पुराना जुड़ाव बताया। सवालों पर कहा कि समय बदला है, अब प्रशासन को भी उसी रफ्तार से काम करना होगा
2 min read
Google source verification
bilaspur collector interview

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल से पत्रिका की खास बातचीत ( Photo - Patrika )

Patrika Interview: बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल (आईएएस ) का कहना है कि समय के साथ लोगों की अपेक्षाएं तेजी से बदली हैं। ऐसे में प्रशासन को भी उसी गति से काम कर परिणाम देने होंगे। जनता को बेहतर और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। तकनीक के बेहतर इस्तेमाल, राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने, जल संरक्षण, शहर की सुरक्षा और शिक्षा में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार को लेकर उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। पत्रिका से खास बातचीत ( Patrika Interview ) में उन्होंने कहा कि बिलासपुर से उनका पुराना जुड़ाव है। प्रोबेशन पीरियड और एसडीएम के रूप में काम करने के बाद अब पूरे जिले की जिम्मेदारी संभालना अलग अनुभव है। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बेबाकी से अपनी राय रखी….

IAS Sanjay Agrawal: आपकी सबसे बड़ी प्रशासनिक प्राथमिकता क्या है?

लोगों को अच्छी और समय पर सेवा मिले, यही प्राथमिकता है। कोशिश रहती है कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्चर न लगाने पड़े। प्रशासन को लोगों के लिए उपलब्ध और जवाबदेह रहना चाहिए।

बदलते समय में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

लोगों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। सरकारी विभागों में तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर सेवाओं को सरल और तेज करना जरूरी है। कर्मचारियों को भी नई तकनीक के अनुरूप तैयार किया जा
रहा है।

राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कितना चुनौतीपूर्ण है?

पुराने राजस्व रिकॉर्ड में कई स्तर पर कमियां हैं, जो आज विवाद का कारण बनती हैं। जमीन खरीदने से पहले पुराने रिकॉर्ड और मिसल की जांच जरूरी है। कई मामलों में कागजों में क्षेत्रफल और वास्तविक स्थिति में अंतर भी सामने आता है। रिकॉर्ड दुरुस्त करने का काम जारी है, हालांकि पुराने दस्तावेज और संबंधित लोगों को तलाशना चुनौतीपूर्ण है।

बढ़ते बिलासपुर की प्रमुख समस्याएं क्या हैं?

पुराने और घने इलाकों में कई जगह एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की पहुंच मुश्किल है। प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित होने से बारिश में जलभराव भी चुनौती है। इनके स्थायी समाधान पर काम किया जा रहा है।

जल संरक्षण को लेकर क्या योजना है?

भूजल स्तर गिर रहा है। जितना पानी उपयोग हो रहा है, उतना रिचार्ज नहीं हो पा रहा। जल संरक्षण केवल प्रशासन नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है। जिले में 275 रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए गए हैं और आगे भी काम जारी रहेगा।

शहर को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

शहर की गलियों, मोहल्लों और चौक-चौराहों में करीब 1000 हाईटेक कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए त्रिनेत्र समिति का गठन कर रोडमैप तैयार किया गया है। इससे निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

शिक्षा में तकनीक का इस्तेमाल कैसे होगा?

कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई को स्मार्ट बनाने के लिए 550 स्कूलों में स्मार्ट टीवी लगाए जा रहे हैं। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को अधिक सरल और रोचक बनाने का प्रयास है।

बड़ी खबरें

View All

बिलासपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग