बिलासपुर

4 नवंबर के भीषण रेल हादसे की तहकीकात में जुटी सीआरएस टीम, 50 से अधिक रेलकर्मियों से होगी पूछताछ, इस दिन आएगी रिपोर्ट!

Bilaspur Train Accident Update: बिलासपुर-गतौरा रेलखंड पर 4 नवंबर को हुए भीषण ट्रेन हादसे की जांच अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) बी.के. मिश्रा ने गुरुवार से प्रत्यक्ष साक्ष्य, दस्तावेजों और गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच टीम ने हादसे से जुड़े सिग्नल सिस्टम, ट्रैक की स्थिति, ट्रेन की गति और संचार रिकॉर्ड जैसे तकनीकी पहलुओं का बारीकी से परीक्षण किया।
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Train Accident: बिलासपुर ट्रेन हादसा, लोको पायलेट पायलट 11 की मौत, 20 लोग गंभीर रूप से घायल, बोगियों को काटकर निकाला शव
बिलासपुर ट्रेन हादसा (Photo Patrika)

Bilaspur Train Accident Update: बिलासपुर-गतौरा के बीच 4 नवंबर को हुए ट्रेन हादसे की जांच कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ने शुरू कर दी है। रेल सुरक्षा आयुक्त बी.के. मिश्रा ने गुरुवार को प्रत्यक्ष साक्ष्य, दस्तावेजों और गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। सूत्रों के अनुसार, करीब 50 से अधिक गवाहों से पूछताछ की तैयारी की गई है।

इनमें ट्रेन चालक दल, स्टेशन मास्टर, गार्ड, सिग्नलिंग इंजीनियर सहित अन्य रेलकर्मी शामिल हैं। 6 और 7 नवंबर को 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया गया है। गुरुवार को डीआरएम कार्यालय में एक-एक कर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। पहले दिन आधे लोगों का बयान हुआ है, बाकी का शुक्रवार को होगा। इसके बाद रेलवे सेफ्टी की टीम ने अलग-अलग सेक्शन और घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। टीम ने हादसे से संबंधित लिखित और मौखिक दोनों तरह के बयान लिए ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

बताया गया कि जांच के दौरान घटनास्थल के सिग्नल सिस्टम, ट्रैक की स्थिति, ट्रेन की गति और संचार रिकॉर्ड से जुड़ी सभी तकनीकी जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। इधर घटना की जिम्मेदारी मृतक लोको पायलट को भी बताया जा रहा है, लेकिन रेलवे रिपोर्ट में इसका पूरा खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।

असिस्टेंट मोटरमैन बेहोश, नहीं हुआ बयान

ट्रेन में हादसे के दौरान ड्यूटी कर रही असिस्टेंट असिस्टेंट मोटरमैन रश्मि राज का उपचार अपोलो में चल रहा है। वर्तमान में वह अचेत अवस्था में हैं। ऐसे में टीम के सदस्य उनका बयान दर्ज नहीं कर पाए हैं। लेकिन टीम ने स्टेशन के सिग्नलिंग व ट्रेन संचालन पर लगे अधिकारी-कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं।

18 का इलाज जारी

हादसे की जांच चल रही है। सीआरएस की रिपोर्ट तैयार के बाद बोर्ड को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट में हादसे की वजह, जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा सुधार से संबंधित सुझाव शामिल होंगे। हादसे में 11 की मौत हुई थी, 20 घायल हुए थे। इसमें 18 लोगों का इलाज रेलवे, सिम्स और अपोलो अस्पताल में चल रहा है। दो डिस्चार्ज हो गए हैं। - डॉ. सुस्कर विपुल विलासराव, सीपीआरओ एसईसीआर

रिपोर्ट आने में लगेगा सप्ताहभर का समय

कमरे के अंदर वन टू वन अधिकारी-कर्मचारियों को बुलाकर मामले के संबंध में बयान लेने के साथ ही जांच और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पहले दिन आधे लोगों के ही बयान दर्ज हो पाए हैं। बचे हुए कर्मचारियों का शुक्रवार को बयान होगा। रिपोर्ट आने में सप्ताहभर का समय लगेगा। असिस्टेंट लोको पायलट बेहोश हैं, ऐसे में उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया है। - अनुराग कुमार सिंह, सीनियर डीसीएम बिलासपुर मंडल

एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेन आई

कोटमीसोनार और जयरामनगर स्टेशन के बीच गुरुवार सुबह एक ही ट्रैक पर कोरबा मेमू लोकल ट्रेन के आगे और पीछे मालगाड़ी खड़ी हो गई। यह देखकर यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही ट्रेन में सवार कई यात्री डिब्बे से उतरकर पटरियों के पास खड़े हो गए। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद ट्रेनों की मूवमेंट को नियंत्रित किया गया और स्थिति सामान्य की गई।

4 नवंबर को बिलासपुर के लालखदान-गतौरा रेलखंड के बीच गेवरा रोड मेमू लोकल (68733) मालगाड़ी से टकरा गई थी। मेमू ट्रेन का मोटर कोच मालगाड़ी के वैगन के ऊपर चढ़ गया था। उस हादसे में 11 यात्रियों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे। अब दोबारा एक ही ट्रैक पर तीन ट्रेनों के आने से यात्रियों में डर देखने को मिला।

सीपीआरओ एसईसीआर डॉ. सुष्कर विपुल विलासराव ने बताया कि एक ट्रैक पर तीन ट्रेनों की जो बात है, वह सही है। यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सामान्य परिचालन है। एक के पीछे एक ट्रेन इस लाइन में 2023 से चल रही है। यह रूटीन प्रक्रिया है। अफवाहों से बचें। यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है।

Updated on:
07 Nov 2025 01:29 pm
Published on:
07 Nov 2025 01:29 pm