
बिलासपुर। Chhattisgarh News: जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल ने शुक्रवार को हाईकोर्ट के 15 वें जज के रूप में शपथ लेने के साथ ही कार्यभार संभाल लिया । उन्होंने अपने शपथग्रहण के बाद कहा कि यहां तक आना सिर्फ उनकी सफलता नहीं , बल्कि हर उस व्यक्ति की सफलता है, जो उनके साथ किसी न किसी तरह जुड़ा रहा।
इससे में हुए ओवेशन में रजिस्ट्रार जनरल अरविन्द कुमार वर्मा ने जस्टिस अग्रवाल का नियुक्ति पत्र पढ़कर सुनाया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। जस्टिस अग्रवाल ने बताया कि, राजनांदगांव के दिग्विजय कॉलेज से एलएलबी करने के बाद उन्होंने बिलासपुर जिला कोर्ट में अपने सीनियर एडवोकेट स्व रमाकांत मिश्रा के सानिध्य में वकालत की। निरंतर धैर्य और काम में अनुशासन का पाठ भी अपने गुरु से सीखा। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि, 1993 में वकालत शुरू करते समय उन्होंने नहीं सोचा था कि, कभी यह उपलब्धि हासिल होगी। इसमें पिता स्व. डा जीपी अग्रवाल और माता चन्द्रलेखा अग्रवाल का पूरा आशीर्वाद शामिल है।
ओवेशन को राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतो दास ने संबोधित करते हुए जस्टिस अग्रवाल का जीवन परिचय दिया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से संबोधन में सीनियर एडवोकेट वायसी शर्मा ने जस्टिस अग्रवाल की कार्यकुशलता और मिलनसार स्वभाव का उल्लेख किया। स्टेट बार काउंसिल की ओर से सीनियर एडवोकेट प्रफुल्ल भारत ने कहा कि जस्टिस अग्रवाल शुरू से ही बार के साथियों में अपने सहयोगी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। दीवानी और फौजदारी सभी प्रकार के मुकदमों में उनकी अच्छी पकड़ रही है। केंद्र शासन की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने अपने विचार रखे।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान जस्टिस गौतम भादुड़ी, जस्टिस संजय के अग्रवाल, जस्टिस अरविन्द सिंह चंदेल, जस्टिस पीपी साहू , जस्टिस एनके व्यास, जस्टिस एनके चन्द्रवंशी, जस्टिस दीपक तिवारी, जस्टिस सचिन सिंह राजपूत सहित सभी जज उपस्थित थे। साथ ही हाईकोर्ट रजिस्ट्री के अधिकारी, बिलासपुर के जिला सत्र न्यायाधीश रमाशंकर प्रसाद, पूर्व महाधिवक्ता जेके गिल्डा, सीनियर एडवोकेट, हाईकोर्ट बार के सदस्य अधिवक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।