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Retirement Posting: रिटायरमेंट नजदीक तो गृह जिले में पोस्टिंग क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने आबकारी हेड कांस्टेबल के पक्ष में जारी किया आदेश

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिटायरमेंट के करीब पहुंचे आबकारी हेड कांस्टेबल को गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने के निर्देश दिए। सरकार को 15 दिन में आदेश जारी करना होगा।
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Retirement Posting

पोस्टिंग की मांग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला (Photo Source- Patrika File Photo)

Retirement Posting: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिटायरमेंट के करीब पहुंचे एक आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कर्मचारी को उसके गृह जिले बिलासपुर में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता फिलहाल रायगढ़ जिले में पदस्थ है और जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाला है। कर्मचारी ने रिटायरमेंट नजदीक होने और पत्नी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए गृह जिले में तबादले की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति मिलने के 15 दिनों के भीतर आवश्यक पोस्टिंग आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील को भी स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि 5 जून 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती।

Excise Head Constable: रायगढ़ से बिलासपुर तबादले की मांग

मामला आबकारी विभाग में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता वर्तमान में रायगढ़ जिले में पदस्थ है। उसने रिटायरमेंट नजदीक आने के कारण अपने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उसकी नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के पद पर हुई थी।

बाद में उसे नियमित करते हुए आबकारी आरक्षक बनाया गया। विभाग में लंबे समय तक सेवा देने के बाद वर्ष 2014 में उसका तबादला कोरबा से बिलासपुर किया गया था। इसके बाद 24 जून 2022 को उसे बिलासपुर से रायगढ़ भेज दिया गया। वर्ष 2023 में पदोन्नति के बाद भी उसकी पदस्थापना रायगढ़ में ही रही।

जुलाई 2027 में होना है रिटायरमेंट

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि वह जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने वाला है। ऐसे में उसने सेवा के अंतिम समय को अपने गृह जिले में बिताने के लिए विभाग के सामने कई बार आवेदन दिए थे। याचिका में यह भी बताया गया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। परिवार की परिस्थितियों और नजदीक आती सेवानिवृत्ति को देखते हुए कर्मचारी ने बिलासपुर में पोस्टिंग देने का अनुरोध किया था। हालांकि, विभाग की ओर से उसके अभ्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद कर्मचारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

2025 की ट्रांसफर पॉलिसी का दिया हवाला

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में राज्य सरकार की वर्ष 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का लाभ देने की मांग की थी। कर्मचारी की ओर से दलील दी गई कि रिटायरमेंट के नजदीक होने की स्थिति में उसे गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया जाना चाहिए। वहीं, राज्य सरकार की ओर से इसका विरोध किया गया। सरकार ने कोर्ट को बताया कि 5 जून 2025 को जारी ट्रांसफर पॉलिसी में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को बाहर रखा गया है। इसलिए इस नीति का लाभ आबकारी विभाग के कर्मचारी को नहीं दिया जा सकता।

Chhattisgarh Transfer Policy: सरकार की दलील हाईकोर्ट ने नहीं मानी

राज्य सरकार की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि किसी कर्मचारी को उसकी पसंद की जगह पर पोस्टिंग पाने का कानूनी अधिकार नहीं है। सरकार ने इसी आधार पर याचिका का विरोध किया। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कर्मचारी की आगामी सेवानिवृत्ति को ध्यान में रखते हुए उसे गृह जिले में पदस्थ करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति मिलने के 15 दिनों के भीतर आवश्यक पोस्टिंग आदेश जारी करना होगा।

रिटायरमेंट के करीब कर्मचारी को मिली राहत

इस फैसले के बाद आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल के लिए अपने गृह जिले बिलासपुर में सेवा के अंतिम समय में पदस्थ होने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने मामले में कर्मचारी की परिस्थितियों, रिटायरमेंट की निकटता और उसके द्वारा की गई मांग को ध्यान में रखते हुए राहत दी है। याचिकाकर्ता जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होगा। ऐसे में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग को निर्धारित समय सीमा के भीतर उसकी पोस्टिंग को लेकर आवश्यक आदेश जारी करना होगा।