
Festival Season Traffic: त्योहारी सीजन में जब शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़नी चाहिए, उस समय बिलासपुर जिले के शनिचरी बाजार के पास वाल्मीकि चौक पर बैरिकेडिंग के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है। पूरी मुख्य सड़क पर जगह-जगह पीले रंग के लोहे के बैरिकेड्स की कतार लग गई है।
बैरिकेड्स लगाकर सिटी कोतवाली, गोलबाजार, सदर बाजार, भक्त कंवर राम मार्केट और तेलीपारा रोड की ओर जाने वाला मुख्य रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे इस क्षेत्र के व्यापार पर असर पड़ रहा है, जिसे लेकर व्यापारियों में रोष है। आम जनता के लिए भी यह परेशानी का सबब बन रहा है। बाइक सवार बैरिकेड्स के किनारे बची छोटी जगह से किसी तरह निकलते दिखाई देते हैं, लेकिन कार, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को आगे रास्ता बंद मिलने पर लौटना पड़ रहा है। चांटीडीह, चिंगराजपारा, बैमा, सेलर, खमतराई और सरकंडा की ओर से रपटा पुल पार कर बाजार पहुंचने वाले लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पत्रिका टीम ने गुरुवार को क्षेत्र का दौरा किया तो पाया कि वाल्मीकि चौक से सिटी कोतवाली और आसपास के बाजारों की ओर जाने के लिए लोगों को गोड़पारा और मछली मार्केट की ओर से घूमकर जाना पड़ रहा है। इससे इन संकरी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। कुछ दूरी बचाने के लिए दोपहिया चालक गलियों से निकलने की कोशिश करते नजर आते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन रही है।
सचिन यादव, कपड़ा स्टोर मैनेजर के मुताबिक, त्योहारी सीजन में बैरिकेडिंग लगाने से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऑटो और कारें नहीं आ पाने से लोग दुकानों तक नहीं पहुंच रहे हैं। इससे बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है। प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्थित करने के लिए विकल्प तलाशने चाहिए। रास्ता बंद करना सही उपाय नहीं है।
सौरभ जायसवाल, कपड़ा व्यापारी के मुताबिक, बाजार के मुख्य मार्ग को इस तरह बंद कर देने से व्यापारी और ग्राहक दोनों परेशान हैं। सामान से लदे वाहन दुकानों तक नहीं आ पा रहे हैं। त्योहारी खरीदारी के समय यह फैसला व्यापार को नुकसान पहुंचा रहा है। पुलिस को यातायात व्यवस्था के लिए अन्य इंतजाम करने चाहिए।
अर्पित केशरवानी, व्यापारी, गोलबाजार के मुताबिक, प्रशासन का यह कदम ट्रैफिक नियंत्रण के नाम पर आम जनता और व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। हर दिन 50 हजार से अधिक लोग परेशान हो रहे हैं। रास्ता पूरी तरह बंद करने की जगह ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की जानी चाहिए थी।
रोशन गुप्ता, ड्रीम ड्रैसेज के मुताबिक, बैरिकेडिंग के कारण केवल दोपहिया वाहन ही जैसे-तैसे निकल पा रहे हैं। ई-रिक्शा और कार चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक किए गए इस रास्ते के घेराव से पूरा व्यापारिक संतुलन बिगड़ गया है। प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
रामगोपाल करियारे, एडिशनल एसपी, ट्रैफिक के मुताबिक, बाजार में भीड़-भाड़ नियंत्रण के लिए स्टॉपर लगाकर यातायात नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। समय-समय पर इस तरह स्टॉपर लगाए जाते हैं, ताकि बाजार में ज्यादा भीड़ न हो। बड़े वाहनों के प्रवेश से जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।