बिलासपुर

जेल में अब रील, वीडियो और फेसबुक लाइव वीडियो पर लगेगा लगाम… देखिए कैदियों के लिए क्या है बड़ा खतरा?

Bilaspur News: जेलों में बंद कैदियों द्वारा अवैध रूप से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर अब सख्ती की तैयारी कर ली गई है। पिछले कुछ महीनों में जेल परिसर के भीतर से रील बनाने, वीडियो रिकॉर्ड करने और फेसबुक लाइव करने जैसे कई मामले सामने आए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
2 min read
जेल में अब रील, वीडियो और फेसबुक लाइव वीडियो पर लगेगा लगाम (फोटो सोर्स- पत्रिका)
जेल में अब रील, वीडियो और फेसबुक लाइव वीडियो पर लगेगा लगाम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: जेलों में बंद कैदियों द्वारा अवैध रूप से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर अब सख्ती की तैयारी कर ली गई है। पिछले कुछ महीनों में जेल परिसर के भीतर से रील बनाने, वीडियो रिकॉर्ड करने और फेसबुक लाइव करने जैसे कई मामले सामने आए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन घटनाओं से जेल प्रशासन की गंभीर किरकिरी हुई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। इसी के बाद विभाग ने तकनीकी स्तर पर बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।

वर्तमान में बिलासपुर सहित अन्य जेलों में लगे अधिकांश जैमर वर्ष 2005-06 के दौरान स्थापित किए गए थे। उस समय साधारण मोबाइल फोन प्रचलन में थे, लेकिन अब 4जी और 5जी स्मार्टफोन के दौर में ये पुराने 2जी जैमर प्रभावी नहीं रह गए हैं। नई योजना के तहत इन जैमरों को अपग्रेड कर अत्याधुनिक 5जी तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे जेल की चारदीवारी के भीतर किसी भी प्रकार का मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ब्लॉक हो सके।

जेल में मोबाइल का इस्तेमाल

जेल से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि केवल जैमर की संख्या बढ़ाने से समाधान नहीं होगा, बल्कि फ्रीक्वेंसी को सटीक तरीके से निष्क्रिय करना जरूरी है। नए जैमर न केवल वॉयस कॉल, बल्कि इंटरनेट डेटा, वीडियो स्ट्रीमिंग और मैसेजिंग सेवाओं को भी बंद कर देंगे। इससे जेल के भीतर आज भी जो कैदी छिपाकर रखे रहते हैं, ऐसे मोबाइल फोन पूरी तरह बेकार हो जाएंगे।

केंद्रीय जेल में पुराने जैमर, नए लगाने पर विचार

केंद्रीय जेल में जो जैमर लगे हैं, वे पुराने और 2जी वाले हैं। शासन यदि नए जैमर लगाने पर विचार कर रही है तो यह बहुत बेहतर होगा। इससे निगरानी भी मजबूत होगी। थोड़ी-बहुत जो शिकायतें हैं, वे भी पकड़ में आएंगी। - खोमेश मंडावी, अधीक्षक, केंद्रीय जेल बिलासपुर

कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली लागू करने के विचार

जेल मुख्यालय के अधिकारी तिहाड़ जेल और यरवदा सेंट्रल जेल में उपयोग हो रही आधुनिक तकनीक का अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही ‘कॉल ब्लॉकिंग’ (टीसीबीपीएस) प्रणाली लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि जैमर का प्रभाव केवल जेल परिसर तक सीमित रहे और आसपास के नागरिकों, अस्पतालों या दफ्तरों के नेटवर्क पर असर न पड़े।

Published on:
02 Mar 2026 01:05 pm
Also Read
View All
High Court Notice: रायगढ़ में नियमों की अनदेखी कर बिछाई 33 केवी लाइन, हाईकोर्ट ने केंद्र-राज्य और बिजली कंपनी को जारी किया नोटिस

बिलासपुर सर्पदंश मुआवजा घोटाला! 14 FIR दर्ज, फर्जी मामलों के जरिए लाखों की हेराफेरी का आरोप

मुंगेली में स्कूल खुलने से पहले ही बंद! लापरवाही करने वाले सरकारी शिक्षकों का कटेगी Salary, आदेश जारी

Bilaspur Youth Congress Election: MLA देवेंद्र यादव से मुलाकात के बाद बदले समीकरण! रंजीत सिंह ने छोड़ी दावेदारी, कई नेताओं ने भी खींचे हाथ

छत्तीसगढ़ के पूर्व CM समेत 18 से ज्यादा वर्तमान व पूर्व सांसदों, विधायकों पर 20 गंभीर आपराधिक मामले, HC की रिपोर्ट में खुलासा