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Hit And Run: अब मैं भी पैसा कमाऊंगा पापा, 6 महीने पहले पिता से किया वादा अधूरा, सड़क हादसे में गई युवक की जान

Road Accident: अब मैं भी पैसा कमाऊंगा पापा महज 6 महीने पहले पिता से किया यह वादा 21 साल के विकास दास पूरा नहीं कर सका। सुबह-सुबह साइकिल से अखबार बांटने निकला यह युवक नेशनल हाईवे-130 पर हिट एंड रन का शिकार हो गया।

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Road Accident

Huge Road Accident (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Hit And Run: सुबह-सुबह साइकिल पर अखबार बांटने निकला 21 साल का विकास दास घर की जिम्मेदारी संभालने का सपना लेकर निकला था, लेकिन नेशनल हाइवे-130 पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसके सपनों को कुचल दिया। दर्दनाक यह कि मौत के बाद भी परिवार को इंसाफ के लिए थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहतराई का रहने वाला विकास दास रोज की तरह सुबह करीब 5.45 बजे साइकिल से अखबार बांटने निकला था। घर की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिए यह युवा अपने दिन की शुरुआत कर रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी। नेशनल हाइवे-130 पर ‘पप्पू ढाबा ’ के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे भयानक टक्कर मारी और मौके से फरार हो गया।

सड़क पर तड़पते विकास को ग्रामीणों और परिजनों ने 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया, जहां वेंटिलेटर पर जिंदगी से जूझते हुए दोपहर करीब 1 बजे उसने दम तोड़ दिया।

तीन भाइयों में सबसे बड़ा था विकास

विकास की मौत से घर में मातम पसर गया। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। महज छह महीने पहले ही उसने अपने हलवाई पिता से वादा किया था कि अब वह भी कमाकर घर की जिम्मेदारी संभालेगा। लेकिन यह वादा अधूरा रह गया। बेटे की मौत से पिता की आंखें सूनी हो गई हैं और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

हिट एंड रन में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं

दर्दनाक यह है कि इस हिट एंड रन मामले में अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है। परिजन जब शिकायत लेकर कोनी थाना पहुंचे तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि घटना रतनपुर क्षेत्र की है। रतनपुर थाना पहुंचे तो वहां कहा गया कि मामला कोनी क्षेत्र का है। दोनों थानों के बीच सीमा विवाद में पीड़ित परिवार भटकता रहा। जब परिजनों ने फोटो और लोकेशन दिखाकर घटना स्थल रतनपुर क्षेत्र का साबित किया, तब भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने तर्क दिया कि सिम्स चौकी से केस डायरी आने के बाद ही मामला दर्ज होगा।

वहीं सिम्स चौकी ने भी केस डायरी खुद ले जाने से इनकार कर दिया। इस प्रशासनिक खींचतान के बीच आरोपी वाहन चालक अब तक फरार है और न्याय की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण सबूत भी कमजोर हो सकते हैं और आरोपी बच सकता है।

मृतक का पोस्टमार्टम हो चुका है। केस डायरी तैयार है, रतनपुर पुलिस आकर ले जा सकती है। चूंकि लोकल घटना है, इसलिए हम वहां जाकर केस डायरी नहीं देंगे, राज्य के बाहर की बात होती तो वहां भेजते। - चंद्रप्रकाश पांडेय, चौकी प्रभारी सिम्स।

इस मामले में संज्ञान लेकर जल्द एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही बारीकी से जांच एवं सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। - नूपुर उपाध्याय, एसडीओपी