बिलासपुर

फिल्म पैडमैन स्त्रीत्व के ऐसे मसले पर चर्चा है जिसे लेकर भ्रांतियां कम बंदिशें ज्यादा हैं

फिल्म पैडमैन अपनी तरह की आर्ट कम कमर्शियल प्रकार की गजब फिल्म है। यह स्त्री से तादात्म स्थापित करती है।

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Film Review: PADMAN
PADMAN

बिलासपुर . पैडमैन फिल्म और पद्मावत ट्रैफिक जाम की वजह से समकालीन सप्ताह में आ बैठीं। इनमें गहरी समानता भी उभर आईं। पद्मावत में एक तरफ इतिहास जहां स्त्रीत्व की रक्षा के लिए जौहर और पुरुषों की वीरता का महिमामंडन कर रहा था, तो वहीं दूसरी तरफ वर्तमान कुरूप सच के साथ लंपटता और यौनि (यौन नहीं) संक्रमण की लड़ाई लड़ रही फिल्म पैडमान थी। दोनों में स्त्री ही केंद्र में है। वहीं नाम में भी बड़ी समानता है।

अगर हम इन दोनों फिल्मों के अंग्रेजी स्पेलिंग को समझें तो पद्मावत की कहानी जिस ऐतिहासिक नायिका पर है उसका नाम पद्मनी था, इस लिहाज से सेंसर बोर्ड के कटों के बाद इसका नाम पद्मावती की बजाए पद्मावत न करके पद्मनी करते तो पैडमैन और पद्मनी दोनों फिल्में पति-पत्नी की तरह लगती। और अच्छे से अंग्रेजी की इन स्पेलिंग को पढ़कर समझिए.. (PADMAN and PADMAN..I).

Published on:
17 Feb 2018 07:33 pm