
Patrika Igniters-2025: पत्रिका 'इग्नाइटर्स-2025' के तहत बिलासपुर में रविवार को 700 होनहार छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। इग्नाइटर्स-2025 के कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि पत्रिका का यह ऐतिहासिक आयोजन मेरे दिल के करीब है। जब मैं युवाओं के बीच जाता हूं तो मुझे ऊर्जा, उत्साह और प्रेरणा मिलती है। इस मौके पर डिप्टी सीएम साव ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्द्धन किया।
पत्रिका केवल समाचार पत्र नहीं है, बल्कि जनसरोकार से जुड़कर कार्य करने वाला अखबार है। यह खबर को प्रमाणिकता के साथ छापता हैं। जिससे लोगों का ध्यान आकर्षित होता है। इन खबरों को पढ़कर हम भी कमियों को दूर करने का प्रयास करते हैं। ये बातें केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने पत्रिका इग्नाइटर्स 2005 सम्मान समारोह में कही। बीटीसी कृषि महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस समारोह में 700 छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया।
तोखन साहू ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं से कहा कि ये सम्मान आपके परिश्रम, मेहनत का सम्मान है। आप लोगों को इस मुकाम तक पहुंचाने वाले गुरुजनों व परिजनों का भी मैं अभिनंदन करता हूं। तोखन ने कहा कि समाज के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा से ही समाज में परिवर्तन होता है। इसके अलावा संस्कार भी जरूरी है। वहीं समाज आगे बढ़ता है जो संस्कारित होता है। इसलिए हमें शिक्षा के साथ संस्कार को भी आत्मसात करना चाहिए।
पत्रिका ने यह सम्मान समारोह इसलिए किया है जब आप कल देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे, तब पत्रिका को यह गर्व होगा कि उसने आपकी प्रतिभा को पहचाना और प्रोत्साहित कर आपको सम्मानित किया। प्रतिभा सम्मान सामाजिक सरोकार का सबसे बढ़िया उदाहरण है। पत्रिका आपकी सफलता में अपनी खुशी मनाता है। ये बातें डिप्टी सीएम अरुण साव ने पत्रिका के इग्नाइटर्स 2-२025 समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि पत्रिका का यह गरिमामय आयोजन मेरे दिल के बहुत करीब है। जब मैं युवाओं के बीच जाता हूं कि मुझे ऊर्जा, उत्साह और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि आपको यह तय करना है कि किस दिशा में जाना हैं। लक्ष्य नहीं, दिशा तय करें और पूरी ऊर्जा से आगे बढ़े। उन्होंने विद्यार्थियों को तात्कालिक आकर्षणों से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि ऽमोबाइल, मूवी और गेम्स का आकर्षण आपको आपके रास्ते से भटका सकता है।
Patrika Igniters-2025: सीवी रमन यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. अरविंद तिवारी ने कहा कि जिंदगी में अहम से नहीं, झुकने से सफलता मिलती है। उन्होंने पर्वतारोही निशा यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि पीठ पर 45 किलो वजन लेकर पर्वत पर चढ़ते समय कई बार उसे लगा कि बस अब आगे नहीं होगा। लेकिन जब जब ऐसा हो तो अपने संकल्प को पुन: जागृत करना है। तब आप अपने जीवन में निशा की तरह पर्वतों को लांघकर सीमाओं को पार करेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रिका इग्नाइटर्स का यह सम्मान आपको प्रेरित करेगा, हमको प्रोत्साहित करेगा।
भारत स्काउट्स एण्ड गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव ने कहा कि स्काउट्स-गाइड में अनुशासन के अलावा जिंदगी में सफलता के लिए कई जरूरी सीख भी सिखाई जाती है। जिंदगी में संघर्ष में आवश्यक है। आत्मविश्वास भी जरूरी है। इस समारोह में हमारे कुछ स्काउट्स-गाइड ऐसे हैं जो राज्यपाल और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हैं। उन्होंने कहा कि पत्रिका का यह सम्मान समारोह निश्चित रूप से बच्चों को प्रोत्साहित करेगा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
सपने देखने की कोई उम्र नहीं: हैमर थ्रो खिलाड़ी शारदा पांडेय तिवारी ने 50 की उम्र में खेलना शुरू किया। 62 वर्ष की उम्र में 50 से ज्यादा नेशनल मेडल जीतकर ओलंपिक की तैयारी कर रही है। मंच पर विद्यार्थियों को मेडल दिखाती शारदा का कहना है कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती। मेहनत करो, सफलता मिलेगी।
पर्वतारोही निशा यादव ने कुछ दिन पहले ही अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर तिरंगा लहराया है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पर्वत पर चढ़ाई करते समय एक समय ऐसा भी आया, जब लगा कि मैं अब नहीं कर पाऊंगी। लेकिन मुझे मेरा संकल्प याद आया और फिर हार न मानते हुए मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ती गई। आंतत: मैंने किलिमंजारो पर तिरंगा फहरा दिया। मेरा अगला लक्ष्य माउंट एवरेस्ट फतह करना है
अनुषा नायर, 96.6% (कक्षा 12वीं, कॉमर्स): मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हूं। मैं चाहती हूं कि सभी विद्यार्थी नियमित अध्ययन करें और आत्मविश्वास बनाए रखें। इस तरह के आयोजन होते रहना चाहिए।
ईशा देवी तिवारी, 97% (कक्षा 12वीं, आर्ट्स): मैंने हर विषय को समझने पर ज़ोर दिया, केवल रटने की बजाय कॉन्सेप्ट क्लियर किए। छात्र खुद पर भरोसा रख प्रयास करते रहें। पत्रिका के आयोजन से काफी सीखने मिला।
Patrika Igniters-2025: हर्ष बघेल, 72% (कक्षा 10वीं): मैंने रोज़ाना तीन से चार घंटे पढ़ाई की और हर विषय को बराबर महत्व दिया। जो विषय कठिन लगते थे, उन्हें दोस्तों और शिक्षकों से समझा। परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट दिए जिससे आत्मविश्वास बढ़ा। मैं कहूंगा कि डरने की बजाय शांति से पढ़ाई करें और अच्छे अंक जरूर मिलेंगे। मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
यश देवांगन, 78% (कक्षा 10वीं): मुझे पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी रुचि थी, इसलिए टाइम टेबल बनाकर तैयारी की। रोज़ाना थोड़ा-थोड़ा पढ़ने से आखिरी समय में तनाव नहीं हुआ। छात्रों को चाहिए कि वे शुरू से पढ़ाई को गंभीरता से लें।
समीर श्रीवास, 92% (कक्षा 10वीं): मैंने हर विषय के नोट्स बनाए और रोज़ाना रिवीजन किया। मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी रखी। मॉक टेस्ट और प्रश्न पत्रों की मदद से तैयारी मजबूत की। पत्रिका का इग्नाइटर्स 2025 में शामिल होकर खुश हूं।
साहिल श्रीवास, 82.60% (कक्षा 10वीं): मैंने समय का सही उपयोग किया और रोज़ाना पढ़ाई में निरंतरता रखी। कठिन विषयों का बार-बार रिवीजन करता रहा। मैं यही कहूंगा कि लक्ष्य तय हो और मन में विश्वास हो तो कोई भी परीक्षा कठिन नहीं।
ओमकार साहू, 82.66% (कक्षा 10वीं): मेरी सफलता का राज़ अनुशासन और नियमित अध्ययन है। मैंने हर विषय के लिए अलग समय निर्धारित किया और सभी विषयों को समान रूप से पढ़ा। मैंने ग्रुप स्टडी भी की, जिससे विषय अच्छे से समझ में आए। पत्रिका के इस समारोह में अतिथियों ने प्रेरणादायी बातें कहीं, जो हमेशा याद रहेंगी।
तमन्ना यादव, 77% (कक्षा 10वीं): मैंने अपनी तैयारी में नियमितता रखी। कठिन विषयों को दोस्तों और शिक्षकों की मदद से अच्छे से समझा। मैं चाहूंगी कि विद्यार्थी शुरू से ही तैयारी में जुट जाएं और हर दिन कुछ नया सीखें और समझें।
चेतना ध्रुव, 78% (कक्षा 10वीं): मैंने तय समय पर पढ़ाई की। दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी करके कठिन विषयों को समझा। मैं कहना चाहूंगी कि अगर हम मेहनत करें और समय का सही उपयोग करें तो अच्छे अंक जरूर आते हैं। लगातार प्रयास करें।
प्राची कौशिक, 96% (कक्षा 10वीं): मैंने हर विषय को गहराई से समझा और समय पर रिवीजन किया। सैंपल पेपर हल करने से बहुत मदद मिली। मैं कहना चाहती हूं कि मोबाइल से दूरी और मन लगाकर पढ़ाई करना सबसे ज़रूरी है।