
PM Awas Yojana: पीएम आवास योजना की पहली किस्त मिलने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं करने वाले हितग्राहियों पर अब कार्रवाई होगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को टीएल बैठक में ऐसे मामलों की समीक्षा करते हुए अंतिम चेतावनी देने और तय समय में निर्माण शुरू नहीं करने पर स्वीकृति निरस्त करने के निर्देश दिए। अपात्र पाए जाने पर नियमानुसार राशि की वसूली कर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ देने कहा।
बिलासपुर जिले में करीब दो हजार हितग्राही ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त मिले डेढ़ से दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक आवास निर्माण शुरू नहीं किया गया है। कलेक्टर ने एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ को ऐसे मामलों में प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश दिए। शासकीय राशि के दुरुपयोग या गबन के मामलों में संबंधित सरपंचों के खिलाफ भी नियमानुसार प्रकरण दर्ज करने कहा गया है।
मस्तूरी विकासखंड के दवनडीह में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण अधूरा छोडऩे के मामले में संबंधित सरपंच के खिलाफ धारा 40 के तहत हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बीबी रामजी योजना से अन्य योजनाओं का कन्वर्जेंस कर विकास और रोजगारमूलक कार्य कराने कहा। गोधाम वाले गांवों में चारा उत्पादन और प्रत्येक गांव में जल संरक्षण संरचनाएं बनाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में करीब 6,500 सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। वहीं एग्रीस्टेक पोर्टल पर करीब 45 हजार किसानों का पंजीयन अभी बाकी है, जिसे अभियान चलाकर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का काम जारी है। वर्ष 2024 से 2026 के दौरान जिले में 71,722 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनके निर्माण के लिए हितग्राहियों को अब तक 768 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है।
जनपद पंचायत बिल्हा में 18,653 आवास के लिए 207.18 करोड़, कोटा में 17,760 आवास के लिए 186.07 करोड़, मस्तूरी में 18,999 आवास के लिए 206.52 करोड़ और तखतपुर में 16,310 आवास के लिए 168.80 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
योजना के तहत आवास निर्माण के लिए निर्धारित किस्तों में राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर बनाने में मदद मिल रही है। साथ ही हितग्राहियों को अन्य शासकीय योजनाओं से जोडऩे का भी प्रयास किया जा रहा है।