Bilaspur Fuel Saving Policy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद संभागायुक्त ने अधिकारियों को अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने और एक ही काम के लिए कई गाड़ियों के काफिले निकालने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
Bilaspur Petrol Crisis Alert: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और संभावित पेट्रोलियम संकट के बीच अब बिलासपुर संभाग प्रशासन भी ईंधन बचत को लेकर सक्रिय हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बाद संभागायुक्त सुनील जैन ने प्रशासनिक अमले को अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अब सरकारी दौरों और निरीक्षणों में "एक मिशन-एक वाहन" की तर्ज पर साझा वाहन व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।
संभागायुक्त ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक में स्पष्ट कहा कि एक ही काम के लिए कई वाहनों के काफिले निकालने से बचना होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां संभव हो, सीमित वाहनों में ही संयुक्त रूप से भ्रमण किया जाए। प्रशासन का मानना है कि यदि सरकारी अधिकारी खुद ईंधन बचत की आदत अपनाएंगे तो आम लोगों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में सरकारी स्तर पर संसाधनों के संयमित उपयोग की शुरुआत जरूरी है। प्रशासन अब हर विभाग में पूल वाहन व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की योजना बना रहा है, ताकि अनावश्यक ईंधन खपत पर नियंत्रण लगाया जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आगामी सरकारी शिविरों, बैठकों और आयोजनों में भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साझा वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को सामूहिक रूप से कार्यक्रम स्थलों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक दबाव और वाहन खर्च में भी कमी आएगी।
बता दें कि सीएम विष्णु देव साय ने हाल ही में वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए अपने काफिले (कारकेड) में कटौती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने मंत्रियों और आम जनता से भी पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील की है। लेकिन इस आदर्श पहल के बीच, प्रदेश की जमीनी हकीकत चिंताजनक हो गई है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनता को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के 300 से अधिक पेट्रोल पंप वर्तमान में पूरी तरह खाली हो चुके हैं।