बिलासपुर

बिलासपुर में बारिश ने खोली NH-45 की पोल, जगह-जगह दरकी करोड़ों की सड़क

Road Construction Quality: बिलासपुर-पेंड्रा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है।
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Road Damage in Rain
करोड़ों की सड़क दरकी (photo source- Patrika)

Road Damage in Rain: बिलासपुर से पेंड्रा, केवची, अमरकंटक होते हुए मध्यप्रदेश के डिंडोरी तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस महत्वपूर्ण हाईवे पर मानसून की पहली बरसात ने निर्माण कार्य की हकीकत उजागर कर दी है। कई स्थानों पर सड़क में लंबी-लंबी दरारें पड़ गई हैं, पुल-पुलियों के किनारे डामर उखड़ने लगा है और कुछ हिस्सों में सड़क धंसती हुई दिखाई दे रही है। इससे निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

Highway Quality Issues: पहली बारिश में सामने आईं निर्माण की खामियां

बिलासपुर से अमरकंटक को जोड़ने वाला NH-45 पिछले कई वर्षों से निर्माणाधीन है। जिन हिस्सों में निर्माण पूरा होने के बाद यातायात शुरू हो चुका है, वहां पहली ही बारिश ने सड़क की गुणवत्ता की पोल खोल दी। सड़क की सतह पर जगह-जगह चौड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि कई स्थानों पर डामर की परत उखड़कर गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क पहली ही बरसात का दबाव नहीं झेल सकी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

केवची-कारिआम मार्ग पर सबसे ज्यादा खराब स्थिति

हाईवे का सबसे अधिक प्रभावित हिस्सा केवची से कारिआम के बीच देखा जा रहा है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई है, जिससे सड़क धंसने लगी है। कई जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं, जो आने वाले दिनों में और चौड़ी हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन हिस्सों की मरम्मत नहीं की गई तो लगातार बारिश के दौरान सड़क को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है।

दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

सड़क पर आई दरारें और धंसे हुए हिस्से वाहन चालकों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। खासकर रात के समय या तेज बारिश के दौरान इन क्षतिग्रस्त हिस्सों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द मरम्मत कराने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।

Pendra News: यातायात प्रभावित होने की आशंका

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो हाईवे की स्थिति और बिगड़ सकती है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण तेज बारिश में पानी का बहाव अधिक रहता है, जिससे सड़क के और हिस्से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इससे आवागमन बाधित होने और लंबा जाम लगने की संभावना भी बढ़ जाएगी।

निर्माण एजेंसी और विभाग पर उठे सवाल

पहली ही बारिश में सड़क की ऐसी हालत सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया या फिर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में समझौता किया गया। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस हाईवे की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

अब विभाग की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल पहली बरसात ने NH-45 की वास्तविक स्थिति सबके सामने ला दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कितनी तेजी से कराते हैं और भविष्य में ऐसी खामियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो पूरे मानसून के दौरान हजारों यात्रियों को इस जर्जर होती सड़क पर जोखिम उठाकर सफर करना पड़ सकता है।

Updated on:
02 Jul 2026 01:19 pm
Published on:
02 Jul 2026 01:18 pm