Bilaspur News: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्स पर लोकप्रियता पाने की होड़ में युवा अपनी जान को खतरे में डालने से भी नहीं कतरा रहे। यही वजह है कि अतिआत्मविश्वास में पड़ कर आए दिन बहुत से युवा दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
Social Media: @मोहन सिंह ठाकुर। बिलासपुर में ही पिछले दिनों दो घटनाएं ऐसी हो चुकीं जिसमें दो युवक रेल की पटरी में बैठ कर रील्स बना कर वीडियो देख रहे थे, अचानक ट्रेन आई और उन्हें अपने एक-एक पैर गंवाने पड़े। इसी तरह एक युवक छत पर चढ़ कर रील्स बनाते समय फिसल कर गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।
युवाओं में रील वीडियो बनाने का क्रेज दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। लाइक और फॉलोवर बढ़ाने के चक्कर में युवक-युवतियां खतरनाक जगहों पर वीडियो बनाते देखे जा सकते हैं। जिससे न केवल उनकी सुरक्षा को खतरा होता है, बल्कि यह अन्य लोगों के लिए भी एक बुरा उदाहरण बनता है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी बहुत से युवा इसे लेकर सचेत नहीं हो रहे है। जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया एक प्रभावशाली प्लेटफॉर्म है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल करना युवा पीढ़ी के लिए हानिकारक हो सकता है।
सोशल मीडिया में भौकाल जमाने कई बार माफिया और बाहुबली की तरह ओपन जीप पर खड़े हो रहे, कार के सनरूफ को खोलकर कार के ऊपर निकल चिल्लाते हुए वीडियो बना रहे। कहीं मोटर साइकिल में गलत तरीके से बैठ स्टंट करते हैं। पिछले 8 महीने में ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे 42 युवाओं को स्टंट (Social Media) करते पकड़ा है। उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है।
केस - 1. रील्स बनाते छत से गिरा छात्र, मौत
जांजगीर के रहने वाले 20 वर्षीय आशुतोष गंधर्व शहर के गवर्नमेंट साइंस कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। वह सेकेंड इयर का छात्र था। 17 मार्च 2023 को कॉलेज की छत पर दोस्तों के साथ इंस्टाग्राम रील बना रहा था। तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और जमीन पर गिरते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि वो अपने दोस्त के साथ सुसाइड मामले पर रील बनाने की कोशिश कर रहा था।
केस - 2. स्पाइडरमैन बन स्टेशन पहुंचा
तीन दिन पहले बिलासपुर रेलवे स्टेशन में रील्स बनाने के लिए एक युवक स्पाइडरमैन बनकर पहुंचा और रेलिंग पर स्टंट करने लगा। तभी आरपीएफ की टीम वहां पहुंची। उसे पकड़ा। पूछताछ में युवक ने बताया कि वो यू-ट्यूबर है और अपने सोशल मीडिया आईडी में टीआरपी बढ़ाने के लिए स्पाइडरमैन बनकर वीडियो बनाने आया है। आरपीएफ ने युवक को समझाइश व चेतावनी देकर छोड़ दिया।
केस - 3. रेलवे ट्रैक पर देख रहे थे वीडियो, कट गए दो के पैर
महीनेभर पहले वसुंधरा नगर निवासी सतीश मनहर 20 वर्ष और सुनील दिवाकर 50 वर्ष कुछ युवकों के साथ अमेरी फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर बैठे मोबाइल में वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान एक एक्सप्रेस ट्रेन तेजी से आई, कुछ युवकों ने तो ट्रैक से भाग कर अपनी जान बचा ली, लेकिन सतीश और सुनील को संभलने और भागने का मौका ही नहीं मिला। ट्रेन उनके पैर से होकर गुजर गई। जिससे दोनों के एक-एक पैर कट गए। उन्हें गंभीर हालत में सिस में भर्ती कराया गया।
इन दिनों युवाओं में शोसल मीडिया पर एक्टिविटी और रील्स बनाकर फेमस होने की होड़ सी लगी हुई है। लाइक बढ़ाने युवा खतरनाक जगहों पर वीडियो बनाते हैं। इससे कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। ऐसे में परिवारों और समाज को इस दिशा में सोचने की जरूरत है कि कैसे वे युवाओं को सुरक्षित रह कर अपनी रचनात्मकता व्यक्त करने के लिए प्रेरित करें। युवाओं को चाहिए कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और सोशल मीडिया का इस्तेमाल समझदारी से करें। फेमस होना महत्वपूर्ण है, लेकिन अपनी जान की कीमत पर नहीं। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Q. युवा आजकल खतरनाक स्टंट कर रहे, उन्हें कैसे रोका जा रहा?
A. शहर के चौक-चौराहों पर कैमरे लगे हैं। वीडियो वायरल होते ही वाहन नंबर से सर्च कर उन्हें पकड़ कर कार्रवाई की जा रही है।
Q. जागरुकता के लिए क्या किया जा रहा है?
A. "स्कूल-कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक और ट्रैफिक पाठशाला लगाकर युवाओं को समझाइश दी जा रही कि गलत तरीके से वाहन चलाकर वीडियो न बनाएं।
Q. खतरनाक स्टंट न करें, इसके लिए कैसे समझा रहे?
A. खतरनाक स्टंट करने से जान जोखिम में पड़ सकती है। जितने भी लोगों को इस तरह वीडियो बनाते पकड़े हैं, उनका माफी मांगने वाला वीडियो सोशल मीडिया में पुलिस शेयर करने के साथ ही उन्हें समझाइश दे रहे हैं कि दोबारा ऐसा न करें।