Bilaspur Police Transfer: बिलासपुर में एसएसपी रजनेश सिंह ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू को रिटायरमेंट से पहले हटा दिया।
Bilaspur Police Transfer: बिलासपुर में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से तीन निरीक्षकों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इस फेरबदल के तहत सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू, जो इसी महीने 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें थाने से हटाकर सरकंडा सीएसपी कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह अब सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट को सिविल लाइन थाने की कमान सौंपी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सिविल लाइन थाना शहर का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील थाना है, जहां केवल कानून व्यवस्था ही नहीं बल्कि बेहतर प्रबंधन की भी जरूरत होती है। इसी वजह से किशोर केंवट को इस अहम थाने की जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, पहले निरीक्षक निलेश पांडेय को सिविल लाइन थाना भेजने की चर्चा थी, लेकिन उनके जल्द डीएसपी पद पर प्रमोशन की संभावना के चलते उन्होंने इस जिम्मेदारी को लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद विभाग ने किशोर केंवट को वहां भेजने का फैसला लिया।
वहीं, सरकंडा सीएसपी कार्यालय में पदस्थ निरीक्षक अभय बैस को अब सिरगिट्टी थाना प्रभारी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि अभय बैस पिछले एक साल से इस पोस्टिंग के लिए प्रयास कर रहे थे। पिछली बार उनका आदेश जारी होने के बावजूद वे जॉइन नहीं कर पाए थे, लेकिन इस बार उन्हें सफलता मिल गई।
एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि यह फेरबदल शहर की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
फर्जी प्रमाणपत्र से 35 साल नौकरी
फर्जी जाति प्रमाणपत्र के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) का कथित फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर 35 साल तक सेवा करने का आरोप है। मामला उजागर होते ही राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है और एससी-एसटी आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।