CG News: बिलासपुर जिले में कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के अंतर्गत बिलासपुर वेटरनरी कॉलेज को बने 8 साल हो गए, लेकिन आज तक मान्यता नहीं मिल सकी है।
CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के अंतर्गत बिलासपुर वेटरनरी कॉलेज को बने 8 साल हो गए, लेकिन आज तक मान्यता नहीं मिल सकी है। वर्ष 2017 में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद नई दिल्ली (वीसीआई) ने कॉलेज को मान्यता दी थी।
उस दौरान एक सत्र तक कक्षाएं चलीं, विद्यार्थियों को एडमिशन भी मिला और फैकल्टी को नियुक्त किया गया। लेकिन इसके बाद फैकल्टी की कमी, अधूरी प्रयोगशालाएं और अव्यवस्थित कैंपस का हवाला देते हुए एक साल में ही वीसीआई ने मान्यता देने से साफ इनकार कर दिया।
तब से अब तक मान्यता न होने से कॉलेज का शैक्षणिक सत्र पूरी तरह ठप है। तब से अब तक न तो वेटरनरी कॉलेज प्रबंधन ने कोई पहल की न ही शासन ने युवा भविष्य से जुड़े वेटरनरी कॉलेजों को फिर से शुरू कराने के लिए कोई सार्थक पहल की। ऐसे में यहां वेटरनरी कॉलेज अब तक नहीं शुरू हो पाया है।
बिलासपुर में वेटरनरी कॉलेज 2017 में एक साल चली और आखिर क्यों इसकी मान्यता रद्द हुई और अब तक कॉलेज को फिर से शुरू कराने के लिए क्या-क्या प्रयास किए गए इसकी जानकारी अधिकारियों से ली जाएगी। बिलासपुर में वेटरनरी कॉलेज फिर से शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
कॉलेज का शैक्षणिक सत्र केवल 2017-18 में चला। उसके बाद वीसीआई ने लगातार कमियां गिनाईं—पहले स्टाफ की कमी, फिर अधूरी प्रयोगशाला और अव्यवस्थित कक्षाओं का हवाला दिया। बाद में गाय, बकरी, बैल, सूअर और पोल्ट्री के शेड तक बनाए गए, लेकिन निरीक्षण के दौरान भी वीसीआई संतुष्ट नहीं हुआ। मान्यता रद्द होने के बाद 2018 में सत्र के बीच में ही बिलासपुर से सभी विद्यार्थियों को अंजोरा वेटरनरी कॉलेज भेज दिया गया।
बिलासपुर में भले ही वेटरनरी कॉलेज नहीं चल रहा है। लेकिन यहां करीब 6 शिक्षकों और 4 अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति बिलासपुर वेटरनरी कॉलेज में की गई है, जिनका हर महीने लगभग 10 लाख यानी 8 साल में तकरीबन 9.50 करोड़ रुपए वेतन के रूप में खर्च हो गए। कॉलेज के डीन डॉ. के. मुखर्जी अंजोरा में प्रोफेसर पद पर मूल रूप से पदस्थ हैं, लेकिन उन्हें बिलासपुर में डीन का प्रभार और गाड़ी सहित सभी सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं।
कॉलेज की शुरुआत में 5 फ्रिज, 20 एसी सहित कई महंगे उपकरण खरीदे गए थे। सात साल तक इनके उपयोग का मौका ही नहीं मिला और अब रखरखाव के अभाव में यह सामान कबाड़ बनता जा रहा है। कॉलेज की इमारत में भी रखरखाव न होने से जगह-जगह सीपेज और फ्लोर टूट चुके थे। अब इसे फिर से सुधार कराया जा रहा है, जिसमें एक बार फिर से लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
बिलासपुर के वेटरनरी कॉलेज की मान्यता 2018 में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद नई दिल्ली (वीसीआई) ने रद्द की थी। खामियों को दूर कर एक बार फिर से 80 सीटों की मान्यता के लिए आवेदन किया जा रहा है। मान्यता मिलते ही यहां पढ़ाई शुरू होगी। जो शिक्षक, स्टाफ की नियुक्ति हुई थी वो वर्तमान में पॉलिटेक्निक कॉलेज जगदलपुर, महासमुंद और दुर्ग अंजोरा में अटैच होकर काम कर रहे हैं।