बिलासपुर

Chhattisgarh High Court: एक ही दिन दो बड़ी परीक्षाएं, हाईकोर्ट ने परीक्षा तिथि बदलने से किया इनकार

Bilaspur News: परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जाए। उनका तर्क था कि दोनों परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें अपने भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

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Jun 05, 2026
Chhattisgarh High Court
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Photo AI)

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तिथियां एक ही दिन टकराने के मामले में परीक्षा समय-सारणी को बदलने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा, डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन D.El.Ed. की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है, इसलिए परीक्षार्थियों के पास आगामी परीक्षा में शामिल होने का विकल्प सुरक्षित है।

CGPSC मेन्स और D.El.Ed की परीक्षा एक साथ

8 जून 2026 को आयोजित होने वाली CGPSC मेन्स परीक्षा और D.El.Ed. द्वितीय वर्ष परीक्षा को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परीक्षा तिथियों में बदलाव करना उचित नहीं होगा, क्योंकि छात्रों के पास नवंबर 2026 में दूसरी परीक्षा में शामिल होने का वैकल्पिक अवसर मौजूद है।

Chhattisgarh High Court: हाईकोर्ट में दिया था आवेदन

याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में आवेदन दायर कर मांग की थी कि D.El.Ed. परीक्षा और एक अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तिथि एक ही दिन निर्धारित होने के कारण परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जाए। उनका तर्क था कि दोनों परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें अपने भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

साल में दो बार D.El.Ed की परीक्षा

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनीं। न्यायालय के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि D.El.Ed. परीक्षा नियमित रूप से साल में दो बार आयोजित की जाती है। ऐसे में यदि कोई अभ्यर्थी इस बार परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसे अगले सत्र में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि परीक्षा कार्यक्रम तय करना संबंधित परीक्षा प्राधिकरण का अधिकार क्षेत्र है और अदालत सामान्य परिस्थितियों में परीक्षा कैलेंडर में हस्तक्षेप नहीं करती। केवल असाधारण परिस्थितियों में ही न्यायिक दखल उचित माना जा सकता है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा

कोर्ट ने यह भी माना कि परीक्षा कार्यक्रम तैयार करते समय कई प्रशासनिक और शैक्षणिक पहलुओं को ध्यान में रखना पड़ता है। ऐसे में केवल तिथियों के टकराव के आधार पर पूरी समय-सारणी में बदलाव करना व्यावहारिक नहीं होगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने परीक्षा तिथि बदलने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद अब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही दोनों परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। वहीं, D.El.Ed. अभ्यर्थियों के लिए अगली परीक्षा में शामिल होने का विकल्प खुला रहेगा।

Updated on:
05 Jun 2026 12:23 pm
Published on:
05 Jun 2026 11:54 am