
Tokhan Sahu Angry: आमतौर पर शांत और सहज स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू शनिवार को तखतपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नाराज नजर आए। उन्होंने नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) अमरेश सिंह को भरी सभा में जमकर फटकार लगाई और विकास कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री के सख्त तेवरों की चर्चा अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई है।
दरअसल, केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तखतपुर में भी केंद्र सरकार की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए विशेष कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद उन्हें भाजपा पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम को लेकर न तो उचित सूचना दी गई और न ही जनप्रतिनिधियों को औपचारिक आमंत्रण भेजा गया।
जानकारी मिलते ही मंत्री तोखन साहू नाराज हो गए। उन्होंने मंच से ही नगर पालिका के सीएमओ अमरेश सिंह से सवाल पूछना शुरू कर दिया। मंत्री ने कहा, "आपने हमें बुलाया क्या? आपने हमें आमंत्रित नहीं किया। हम अपने स्तर पर यहां पहुंचे हैं।" इसके बाद उन्होंने पूछा कि स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया। मंत्री ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा समझ से परे है।
आमंत्रण के मुद्दे के बाद मंत्री ने शहर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि सांसद बनने के बाद तखतपुर के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों की मांग पर उन्होंने मंच निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। मंत्री ने सीएमओ से पूछा कि वह काम पूरा हुआ या नहीं। सीएमओ ने जवाब दिया कि निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
सीएमओ का जवाब सुनते ही मंत्री की नाराजगी और बढ़ गई। उन्होंने कहा कि यदि स्वीकृत राशि मिलने के बाद भी वर्षों तक काम पूरा नहीं हो पाया, तो बाकी विकास योजनाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंत्री ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के हित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भरी सभा में मंत्री ने सीएमओ को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारियों को समय पर काम पूरा कराने की आदत डालनी होगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि विकास कार्यों में लगातार देरी होती रही तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। मंत्री के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। वहीं प्रशासनिक महकमे और राजनीतिक गलियारों में मंत्री के कड़े रुख को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
तखतपुर में सार्वजनिक मंच से सीएमओ की फटकार के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। राजनीतिक जानकार इसे प्रशासनिक जवाबदेही का संदेश मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे स्थानीय विकास कार्यों में देरी पर नाराजगी के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल मंत्री के सख्त तेवरों और सार्वजनिक चेतावनी ने तखतपुर नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन इस मामले को किस तरह लेता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।