बिलासपुर. कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरा के उपसरपंच और 16 पंचों ने गांव के सरपंच और सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरपंच व सचिव के खिलाफ जनकल्याणकारी नीतियों के खिलाफ काम करने और अलग-अलग योजनाओं के तहत हितग्राहियों के भुगतान और पंचों की मानदेय राशि का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाते हुए शिकायत एसडीएम कोटा से की गई है।
गांव के उपसरपंच और भुजबल मरावी और 16 पंचों ने कोटा एसडीएम सूरज साहू से की गई शिकायत में कहा है कि गांव के सरपंच अर्जुन सिंह पैकरा और सचिव अविनाश कौशिक को राज्य शासन की जनकल्याणकारी नीतियों से कोई लेना देना नहीं है। मार्च महीने में गांव के सचिव पद पर अविनाश कौशिक ने पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद से अब तक ग्राम पंचायत सभा का आयोजन नहीं किया गया है। सरपंच और पंचों के कई बार ग्राम सभा के आयोजन के लिए कहा जा चुका है , लेकिन दोनों ने मिलीभगत कर सभा के आयोजन के लिए अब तक प्रयास नहीं किया है। उपसरपंच और पंचों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव के सचिव कौशिक सप्ताह में एक बार ही ग्राम पंचायत कार्यालय आते हैं और अपने शासकीय कार्यों को ही पूरा करते हैं इस समय गांव के लोग अपने नीति कार्यों के लिए सरपंच और सचिव के पास जाते हैं तो उन्हें भी आज कल में आने का हवाला देकर चलता कर दिया जा रहा है।
शौचालय निर्माण की राशि का भुगतान नहीं
सरपंच और पंचों ने सरपंच और सचिव पर आरोप लगाया है कि गांव में करीब 42 हितग्रहियों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालन निर्माण के लिए पात्र घोषित किया गया था। प्रत्येक हितग्राही ने अपने खर्च पर शौचालय का निर्माण करा लिया, लेकिन उन्हें पिछले 8 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। प्रत्येक हितग्राही को 12 हजार रुपए की दर से भुगतान किया जाना है। हितग्राही लगातार सरपंच और सचिव से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा है।
नल सोकता कार्य की राशि का भुगतान नहीं
गांव के पंचों को 14 अलग-अलग स्थानों पर जल सोकता कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी।सभी 14 स्थानों पर पंचों ने नल सोकता कार्य दिसंबर 2021 में अपने खर्च पर कराया है। इस कार्य के लिए पंचों को 76 हजार रुपएका भुगतान किया जाना है। पिछले 8 महीनों से सरपंच और सचिव भुगतान के मामलेमें हीला हवाला देते आ रहे हैं।
पंचाें की मानदेय राशि का आहरण किया, लेकिन भुगतान नहीं
शासन के नियम के तहत मार्च 2022 के पहले तक प्रत्येक पंच को 200 रुपए प्रति महीने और मार्च महीने से बढ़ाकर दिए जाने वाले प्रत्येक महीने की 500 रुपए की दर से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। गांव के सरपंच और सचिव ने मानदेय राशि का आहरण कर लेने और इसका भुगतान नहीं करना स्वीकार कर लिया है।
अपने लोगों को पानी की सप्लाई
उपसरपंच और पंचाें ने शिकायत में कहा है कि गांव के स्कूल में बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की टंकी और बोर किया गया था। सरपंच पैकरा टंकी से अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछवाकर अपने लोगों को इसका लाभ दे रहे हैं। इसका विरोध करे पर भी सरपंच ने इसे नजरअंदाज कर दिया है।
ग्राम पंचायत सेमरा के उपसरपंच और पंचाें ने गांव के सरपंच और सचिव के खिलाफ शिकायत की है। शिकायत की जांच के लिए जनपद पंचायत कोटा के सीईओ को पत्र भेजा गया है। जांच के रिपोर्ट के बाद प्रतिवेदन बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
सूरज साहू
एसडीएम, कोटा
पहले रोजगार सहायकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण काम समय पर नहीं हा पाया था। मनरेगा शाखा के अंतर्गत होने के कारण इंजीनियर और रोजगार सहायक की जांच के बाद भुगतान किया जाएगा। सचिव सप्ताह में एक बार कार्यालय आते हैं उनके पास भी शासन के आदेश वाले काम होते हैं।
अर्जुन सिंह पैकरा
सरपंच , ग्राम पंचायत सेमरा