
Omi Vaidya Supports Sonam Wangchuk: फिल्म '3 इडियट्स' में अपने यादगार किरदार चतुर रामलिंगम से दर्शकों का दिल जीतने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के अनशन को लेकर एक बात कही है। अभिनेता ने लद्दाख के शिक्षाविद, इंजीनियर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक अपील की है।
ओमी वैद्य ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए लोगों से कहा कि वो इस मुद्दे को हल्के में न लें। उन्होंने फिल्म '3 Idiots' के लोकप्रिय किरदार फुंसुख वांगडू का जिक्र करते हुए कहा कि ये किरदार वास्तविक जीवन में सोनम वांगचुक से प्रेरित था। अभिनेता ने भावुक अंदाज में कहा कि वो नहीं चाहते कि 'फुंसुख वांगडू' जैसी प्रेरणादायक शख्सियत दुनिया से यूं चली जाए।
वीडियो में ओमी ने बताया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से सोनम वांगचुक से मिलने का मौका मिला है। उनके मुताबिक वांगचुक बेहद विनम्र और समाज के लिए समर्पित इंसान हैं। उन्होंने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख के विकास के लिए सालों तक काम किया है। ऐसे व्यक्ति की तबीयत लगातार बिगड़ना चिंता का विषय है और इस पर देशभर का ध्यान जाना चाहिए।
अभिनेता ने लोगों से अपील की कि वो सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट देखकर आगे न बढ़ जाएं, बल्कि यह समझने की कोशिश करें कि आखिर वांगचुक किस उद्देश्य से भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना था कि किसी की मांगों से सहमत या असहमत होना अलग बात है, लेकिन किसी सामाजिक कार्यकर्ता की जान जोखिम में पड़ जाए, यह किसी भी लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं मानी जा सकती।
इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने भी ओमी वैद्य के वीडियो को शेयर करते हुए समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि '3 इडियट्स' का एक अहम किरदार निभाने वाले अभिनेता ने तो अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन अब लोग ये भी जानना चाहते हैं कि फिल्म के मुख्य अभिनेता आमिर खान इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।
बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार जारी है और उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन कर रहे संगठन का दावा है कि अनशन शुरू होने के बाद उनका वजन काफी कम हो चुका है। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े मुद्दों और अन्य मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को कई छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन शांतिपूर्ण मार्च निकालने का भी ऐलान किया है।