Aamir Khan Death Fear In Flight: आमिर खान ने हमेशा अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने लोगों को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के बारे में बताया है। अब इसी बीच उन्होंने अपनी मौत को लेकर खुलासा किया है। उन्होंने मंसूर खान को अपना वारिस चुना है। आइये जानते हैं क्या का पूरा मामला…
Aamir Khan Death Fear In Flight: बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी फिल्मों को लेकर कितने संजीदा रहते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने एक ऐसे पर्सनल डल का खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है। आमिर खान ने बताया कि उन्हें हमेशा फ्लाइट में जाने से पहले ये डर रहता है कि अगर प्लेन क्रैश हो गया और वह मर गए तो उनके अधूरे फिल्मी प्रोजेक्ट्स का क्या होगा? इसके लिए वह एक प्लान बनाकर चलते हैं। जिसका खुलासा उन्होंने खुद किया है।
'द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में आमिर ने एक खुलासा किया। उ हंसते हुए एक चौंकाने वाली बात साझा की। उन्होंने कहा, "जब भी मेरी किसी फिल्म की शूटिंग खत्म होती है और काम पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज पर होता है, तो मुझे बहुत टेंशन होती है। मैं हमेशा मंसूर के लिए एक नोट लिखकर छोड़ता हूं। मुझे डर लगता है कि अगर मेरा प्लेन क्रैश हो गया या मैं मर गया, तो फिल्म खराब नहीं होनी चाहिए। इसलिए मैं अपने डायरेक्टर से कहता हूं कि वे मंसूर की सलाह लें और मंसूर से कहता हूं कि वे फिल्म का ध्यान रखें। मैं हर बार फ्लाइट में चढ़ने से पहले ऐसा करता हूं।"
आमिर की इस बात पर मंसूर खान ने भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का पता अभी हाल ही में चला है और अब वह खुद तनाव में हैं। आमिर का मानना है कि मंसूर की क्रिएटिव समझ और उनकी 'इंस्टिंक्ट' पर उन्हें दुनिया में सबसे ज्यादा भरोसा है। उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी किरण राव को भी हिदायत दे रखी है कि अगर उन्हें कुछ हो जाए, तो वह मंसूर से ही सलाह लें।
आमिर और मंसूर ने 'कयामत से कयामत तक' और 'जो जीता वही सिकंदर' जैसी क्लासिक फिल्में दी हैं। हालांकि, फिल्म 'जोश' (2000) के वक्त दोनों के बीच अनबन भी हुई थी। मंसूर चाहते थे कि शाहरुख खान फिल्म में 'मैक्स' का रोल करें और आमिर उनके दुश्मन 'राहुल' बनें। आमिर खुद मैक्स का रोल करना चाहते थे क्योंकि वह अपनी 'चॉकलेट बॉय' इमेज बदलना चाहते थे। जब बात नहीं बनी, तो आमिर ने फिल्म छोड़ दी और बाद में फिल्म देखने के बाद कहा कि उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आई।
मंसूर खान भले ही निर्देशन से रिटायर हो चुके हों, लेकिन वह आमिर के लिए आज भी सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम हैं। जब आमिर के भतीजे इमरान खान ने 'जाने तू... या जाने ना' से डेब्यू किया, तब मंसूर ही क्रिएटिव प्रोड्यूसर थे। अब आमिर के बेटे जुनैद खान की आने वाली फिल्म 'एक दिन' में भी मंसूर खान एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। मंसूर ने चुटकी लेते हुए कहा कि आमिर किसी भी सीन में 'अश्लीलता' के सख्त खिलाफ रहते हैं, जिससे कभी-कभी सीन बोरिंग भी हो जाते हैं।
आमिर का मानना है कि आज के दौर में सफलता को खरीदा जा सकता है, लेकिन दर्शकों का प्यार नहीं। उन्होंने कहा, "आप टिकटें खरीदकर फिल्म को हिट तो दिखा सकते हैं, लेकिन सिनेमाघर फिर भी खाली ही रहेंगे। आखिरकार दर्शकों के साथ एक एक्टर का जो रिश्ता बनता है, वही असली कामयाबी है।" जुनैद और नई पीढ़ी के बारे में बात करते हुए आमिर ने कहा कि हर किसी का अपना सफर होता है। जरूरी नहीं कि हर किसी को 'कयामत से कयामत तक' या 'कहो ना प्यार है' जैसी धमाकेदार शुरुआत मिले। अमिताभ बच्चन और शम्मी कपूर जैसे दिग्गजों को भी सफल होने में सालों लगे थे।