
Alpha Movie Review: आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की फिल्म 'अल्फा' ने सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। फिल्म में बॉबी देओल और अनिल कपूर भी देखने को मिल रहे हैं। यशराज फिल्म के स्पाई यूनिवर्स की ये पहली ऐसी फिल्म है जिसमें फीमेल लीड के तौर पर आलिया नजर आ रही हैं। इससे पहले 'टाइगर', 'पठान' और 'कबीर' जैसे किरदारों ने स्पाई यूनिवर्स की कमान को संभाल कर रखा हुआ था। चलिए जानते हैं आखिर कैसी है आलिया की फिल्म 'अल्फा'।
'अल्फा' की कहानी 1999 के कारगिल संघर्ष की पृष्ठभूमि से शुरुआत करती है। युद्ध खत्म होने के बाद सिर्फ दो सैन्य अधिकारी (बॉबी देओल और अनिल कपूर) जीवित बचते हैं। इस अनुभव के बाद दोनों एक ऐसे गुप्त मिशन पर काम शुरू करते हैं, जिसका मकसद असाधारण क्षमताओं वाले सैनिक तैयार करना होता है। इस योजना के केंद्र में एक विशेष सीरम है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह सैनिकों की ताकत और क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है।
कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है, जब अनिल कपूर का किरदार बिना अनुमति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी पर इस सीरम का परीक्षण कर देता है। प्रयोग सफल होने के बजाय दुखद साबित होता है और उसकी पत्नी की जान चली जाती है। इस घटना के बाद दोनों अधिकारियों के बीच भरोसा पूरी तरह टूट जाता है। हालात ऐसे बनते हैं कि बॉबी देओल अनिल कपूर की एक बेटी को अपने साथ ले जाते हैं और यहीं से दोनों परिवारों की राहें अलग हो जाती हैं।
समय बीतने के बाद कहानी बदले, रिश्तों और देशभक्ति के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है। आलिया भट्ट का किरदार अपने मिशन के दौरान अनिल कपूर से जुड़ी कई परतों का सामना करता है। इसी बीच खुलासा होता है कि भारतीय सुरक्षा तंत्र में दुश्मन देश का एक खतरनाक एजेंट 'फतेह' वर्षों पहले घुसपैठ कर चुका था और उसने पूरे मिशन को भीतर से प्रभावित किया। दूसरी ओर शरवरी का किरदार भी इस रहस्य और संघर्ष का अहम हिस्सा बनकर उभरता है। फिल्म में एक्शन, इमोशनल रिश्तों और जासूसी मिशन को साथ जोड़ने की कोशिश की गई है, जहां पारिवारिक टकराव और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम एक-दूसरे से जुड़े नजर आते हैं।
एक्टिंग के मामले में भी फिल्म दर्शकों को बेहतरीन अनुभव देकर जाती है। आलिया भट्ट मंझी हुईं एक्ट्रेस हैं। कई कल्ट फिल्मों में इससे पहले काम कर चुकी हैं। ऐसे में उनका अनुभव साफ तौर पर इस फिल्म में भी देखने को मिलता है। इसके अलावा शरवरी वाघ ने भी अपनी एक्टिंग से काफी इंप्रेस किया है। बॉबी देओल और अनिल कपूर भी फिल्म में अपने अभिनय से पूरी जान झोंक देते हैं। ओवर ऑल एक्टिंग के डिपार्टमेंट में भी फिल्म को पूरे नंबर मिलते हैं।
स्पाई यूनिवर्स की भव्यता दिखाने की कोशिश तो फिल्म में साफ नजर आती है। बड़े-बड़े सेट, विदेशी लोकेशन और हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस मौजूद हैं। निर्देशक शिव रवैल ने विजुअल स्केल पर काफी मेहनत की है, जो कि स्क्रीनप्ले में नजर भी आता है।
फिल्म देखते समय ऐसा आभास होता है कि हालिया स्पाई और देशभक्ति आधारित फिल्मों की सफलता से प्रेरणा ली गई है। हालांकि, जहां दूसरी फिल्मों ने रोमांच और सस्पेंस से दर्शकों को बांधे रखा, वहीं 'अल्फा' भी उस स्तर का इमोशनल कनेक्ट दर्शकों के साथ बांधने में कामयाब रहती है।
अगर फाइनल वर्डिक्ट की बात करें तो अगर हम इस फिल्म को सही तरीके से एनालाइज करें, तो यशराज फिल्म्स की ‘अल्फा’ अब तक की स्पाई यूनिवर्स की बेशक सबसे अच्छी फिल्म ना हो लेकिन एक बार तो फिल्म को देखना बनता ही है। लग्जरी लोकेशन और ऋतिक रोशन के दमदार कैमियो के अलावा भी फिल्म में काफी कुछ देखने को मिलता है।
पत्रिका की ओर से फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार्स