
Anurag Kashyap SRFTI Violence: कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में छात्रों और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) से जुड़े लोगों के बीच हुई झड़प अब राजनीतिक बहस का हिस्सा भी बन गई है। 27 सितंबर को परिसर में हुए विवाद में कई छात्रों और अन्य लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। घटना के बाद पुलिस की तैनाती की गई और मामले में शिकायतें तथा एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने के आरोप लगाए हैं।
इसी मामले पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने SRFTI स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से जारी बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल में लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों का संदर्भ दिया। कश्यप ने लिखा, “This is what they stole the votes for in Bengal. This and so much more.” उनका यह बयान सामने आने के बाद SRFTI की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, SRFTI के मेन थिएटर में ABGP की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। संगठन के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए संस्थान से अनुमति ली गई थी और ऑडिटोरियम की बुकिंग के लिए करीब 15 हजार रुपये का भुगतान किया गया था। ABGP ने इसे उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े जागरूकता और संगठनात्मक कार्यक्रम के तौर पर बताया।
वहीं SRFTI स्टूडेंट्स यूनियन ने कार्यक्रम को लेकर अलग पक्ष रखा। छात्रों का कहना है कि उन्हें इस आयोजन की पहले से जानकारी नहीं दी गई थी। छात्रों के मुताबिक, कुछ छात्र कार्यक्रम के बारे में सवाल उठाने और पोस्टर लगाने के लिए मेन थिएटर पहुंचे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और स्थिति कथित तौर पर मारपीट तक पहुंच गई।
स्टूडेंट्स यूनियन ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों के साथ मारपीट की गई और उन्हें पत्थर, ईंट तथा डंडों से निशाना बनाया गया। छात्रों का यह भी दावा है कि विवाद बाद में परिसर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच गया। कुछ छात्र खुद को बचाने के लिए लाइब्रेरी में चले गए थे और यूनियन ने आरोप लगाया कि वहां भी लोगों ने उनका पीछा किया। लाइब्रेरियन के साथ कथित मारपीट का आरोप भी लगाया गया है।
छात्रों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें ‘अर्बन नक्सल’, ‘आतंकवादी’ और अन्य आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित किया गया। कुछ छात्रों ने धमकियां मिलने का भी दावा किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दूसरी तरफ ABGP ने छात्रों के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि छात्रों ने कार्यक्रम में बाधा डाली, पोस्टर और बैनर हटाए तथा संगठन के सदस्यों के साथ मारपीट की। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि उसके चार सदस्य घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ABGP ने विवाद के दौरान स्वामी विवेकानंद से जुड़ी प्रतिमा या तस्वीर को नुकसान पहुंचने का भी आरोप लगाया है।
इस तरह फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों की अलग-अलग दलीलें सामने हैं। पुलिस की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद किस तरह शुरू हुआ और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था।
घटना के बाद SRFTI परिसर और उसके आसपास पुलिस बल तैनात किया गया। रिपोर्टों में करीब 30 छात्रों और दो शिक्षकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कई छात्रों को अस्पताल ले जाया गया, जबकि कुछ को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
मामले में पुलिस जांच जारी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आ रही अलग-अलग तस्वीरों और दावों के बीच जांच के आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।
अनुराग कश्यप ने घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीधे तौर पर ‘वोट चोरी’ के आरोपों का जिक्र किया। हालांकि, उनके बयान में उन्होंने किसी विशेष चुनावी घटना या किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई विस्तृत आरोप नहीं रखा, बल्कि SRFTI स्टूडेंट्स यूनियन के बयान को साझा करते हुए अपनी राजनीतिक टिप्पणी की।
SRFTI में हुई हिंसा और कश्यप की टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनावों को लेकर ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों पर राजनीतिक बहस चल रही है। इस मामले में कश्यप का बयान उनका व्यक्तिगत राजनीतिक मत है, जबकि SRFTI की हिंसा से जुड़े आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
काम की बात करें तो अनुराग कश्यप की हालिया निर्देशित फिल्म 'बंदर' में बॉबी देओल मुख्य भूमिका में नजर आए। फिल्म में एक ऐसे रॉकस्टार की कहानी दिखाई गई है, जिसके करियर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद उसका जीवन और सार्वजनिक छवि बदलने लगती है। फिल्म में मीडिया ट्रायल, सार्वजनिक धारणा और कानूनी प्रक्रिया जैसे मुद्दों को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है।