Archana Puran Singh Slip Divorce: कपिल शर्मा शो की जज अर्चना पूरन ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर बड़ी बात बताई हैं। उन्होंने बताया कि उनका और परमीत सेठी का स्लीप डिवॉर्स हो गया है।
Archana Puran Singh Sleep Divorce: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के सबसे चहेते और खुशमिजाज कपल्स में से एक अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी की शादी को 34 साल बीत चुके हैं। जहां आज के दौर में रिश्ते बहुत जल्दी टूट रहे हैं, ऐसे में अर्चना और परमीत ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपनी शादीशुदा जिंदगी से जुड़ा चौंकाने वाला राज खोला है, उन्होंने बताया कि उनका और पति परमीत का ‘स्लीप डिवॉर्स ’ (Sleep Divorce) हो चुका है। जैसे ही फैंस ने सुना वह हैरान रह गए।
अकसर 'डिवॉर्स ' शब्द सुनकर मन में दूरियों का ख्याल आता है, इनके बीच भी यही हुआ है लेकिन अर्चना और परमित के मामले में यह जुदाई नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति गहरी परवाह है। अर्चना ने बताया कि वह दोनों अब एक ही बेडरूम में अलग-अलग बेड पर सोते हैं। अर्चना ने हंसते हुए परमीत से कहा, "तेरा-मेरा स्लीप डिवॉर्स हो चुका है। इसका मतलब है कि हम एक ही कमरे में तो रहते हैं, लेकिन एक-दूसरे के बगल में नहीं सोते।"
इसकी वजह बताते हुए अर्चना ने कहा कि उनकी नींद बहुत कच्ची है और अगर एक बार टूट जाए, तो दोबारा सोना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनके शूट पर असर पड़ता है। वहीं, परमीत को खर्राटे लेने की आदत है। परमीत ने भी माना कि पिछले 5-7 सालों से उन्होंने अलग बेड चुना ताकि अर्चना सुकून की नींद ले सकें।
कपल ने साफ किया कि लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों में फिल्मी रोमांस या हर वक्त साथ चिपके रहने से ज्यादा जरूरी एक-दूसरे की छोटी-छोटी जरूरतों का ख्याल रखना है। अर्चना कहती हैं, "सच्चे प्यार में शोर-शराबा नहीं होता। छोटी चीजों में प्यार ढूंढना ही असल रिश्ता है।" परमीत आज भी रोज सुबह की पहली चाय खुद बनाकर अर्चना को देते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि अर्चना को सुबह जल्दी उठना पसंद नहीं है। बदले में अर्चना इस बात का ध्यान रखती हैं कि परमीत सेठी को उनकी पसंद का हल्का और कम मिर्च-मसाले वाला खाना मिले।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि एक ही कमरे में अलग बेड पर सोना दूरी नहीं, बल्कि सम्मान है। अर्चना रात में देर तक जागती हैं और परमीत सुबह जल्दी उठ जाते हैं, लेकिन दोनों एक-दूसरे की शांति भंग नहीं करते। उनका रिश्ता इस बात का सबूत है कि अगर आप ईगो छोड़कर एक-दूसरे की सहूलियत के हिसाब से ‘एडजस्ट’ करना सीख जाएं, तो रिश्ता बोझ नहीं बल्कि सुकून बन जाता है।