Ashwin Kaushal On Govinda Downfall: गोविंदा के घर के बाहर डायरेक्टर्स की लाइन लगी रहती थी, लेकिन समय का पहियां ऐसा घुमा की सब बदल गया। अब उनके डाउनफॉल पर उन्हीं के को-स्टार अश्निन कौशल ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने नक्षत्रों और अंधविश्वास को लेकर भी बड़ी बात कही है।
Ashwin Kaushal On Govinda Downfall: 90 के दशक में अपनी डांसिंग और कॉमेडी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले 'चीची' यानी गोविंदा आज बड़े पर्दे से लगभग गायब हो चुके हैं। फैंस सालों से उनके एक दमदार कमबैक का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल गोविंदा छोटे-मोटे इवेंट्स और कार्यक्रमों में ही डांस करते नजर आते हैं। वहीं, एक दौर था जब गोविंदा आखिर सुपरस्टारडम के शिखर पर बैठा एक कलाकार अचानक जमीन पर कैसे आ गया? इस सवाल का जवाब अब एक्टर अश्विन कौशल ने दिया है, जो खुद गोविंदा के साथ काम कर चुके हैं।
सिद्धार्थ कनन को दिए एक इंटरव्यू में अश्विन कौशल ने बेहद बेबाकी से गोविंदा के डाउनफॉल की वजह बताई। उन्होंने कहा, "वहम से बड़ा जहर जिंदगी में और कोई नहीं है। इसी वहम ने उनका डाउनफॉल कर दिया। उनके तौर-तरीके और उनका एटीट्यूड सब बदल गया। गोविंदा को कौन रोक सकता था? लेकिन उन्होंने खुद ही 'आ बैल मुझे मार' वाली स्थिति पैदा कर ली।"
अश्विन ने आगे बताया कि गोविंदा अक्सर अंधविश्वास या नक्षत्रों के फेर में पड़ जाते थे। उन्होंने सुना था कि गोविंदा चीजें 'प्रिडिक्ट' (भविष्यवाणी) करने लगे थे। अश्विन बोले, "कभी-कभी वह सेट पर सिर्फ इसलिए नहीं आते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि आज बाहर निकलने का 'योग' नहीं है। उन्हें लगता था कि आज समय खराब है, इसलिए आज शूटिंग पर नहीं जाऊंगा। इसी तरह की चीजों ने उनके करियर को नुकसान पहुंचाया।"
90 के दशक में गोविंदा और कादर खान की जोड़ी ने 'राजा बाबू', 'दूल्हे राजा' और 'हीरो नंबर 1' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। अश्विन कौशल का मानना है कि कादर खान का आशीर्वाद आज भी गोविंदा के साथ है। उन्होंने कहा, "गोविंदा में कादर खान जिंदा हैं, वो उन्हें 'तथास्तु' करके गए हैं। वो उस दौर के सिनेमा को आज भी जिंदा रख सकते हैं। अगर चीची भैया आज चाहें, तो कल अपना सुपरस्टार का खिताब वापस ले सकते हैं। वह 90 साल के नहीं हुए हैं, उनमें आज भी वही हुनर है।"
इंटरव्यू के दौरान जब गोविंदा की तुलना अन्य सितारों से की गई, तो अश्विन ने महान राजेश खन्ना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग काका (राजेश खन्ना) के स्टारडम के गिरने की बातें करते थे, वैसी ही बातें गोविंदा के लिए भी होती हैं। लेकिन सच यह है कि काका जैसा स्टारडम किसी ने नहीं देखा, अमिताभ बच्चन ने भी नहीं। गोविंदा के पास भी वैसा ही मौका था, लेकिन इंडस्ट्री में 90% लोग किसी का भला नहीं चाहते। ईर्ष्या और गलत फैसलों ने उन्हें पीछे कर दिया।
अश्विन कौशल, जिन्होंने 'पीके' और 'जवान' जैसी फिल्मों में काम किया है, अंत में काफी भावुक दिखे। उन्होंने प्रार्थना की कि कोई फिल्ममेकर गोविंदा को इस स्थिति से बाहर निकाले और उन्हें एक ऐसा रोल दे जो उनके टैलेंट के साथ न्याय कर सके। अश्विन के मुताबिक, गोविंदा 'एंटरटेनमेंट के खुदा' हैं और उन्हें बस खुद पर यकीन करने की जरूरत है।