
Ayesha Kapoor On shelved film 'Paani' with Sushant Singh Rajput: संजय लीला भंसाली की ऐतिहासिक फिल्म 'ब्लैक' (Black) में छोटी रानी मुखर्जी यानी 'यंग मिशेल' का यादगार किरदार निभाकर रातों-रात मशहूर हुई अभिनेत्री आयशा कपूर (Ayesha Kapur) लगभग 20 साल बाद हिंदी सिनेमा में वापसी कर रही हैं। एक बाल कलाकार के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली आयशा अब जिंदगी के एक बिल्कुल नए पड़ाव पर हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी सुशांत सिंह राजपूत के साथ बंद हुई फिल्म पानी को लेकर बयान दिया है। साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री के दबाव पर खुलकर बात की है।
आयशा कपूर ने वैरायटी इंडिया (Variety India) संग खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, यशराज फिल्म्स (YRF) के साथ कॉन्ट्रैक्ट, सुशांत सिंह राजपूत के साथ बंद हुए प्रोजेक्ट 'पानी' और इंडस्ट्री के भारी दबाव पर कई खुलासे किए है।
2005 में 'ब्लैक' के लिए सराहना पाने और फिर 2009 में पीयूष झा की फिल्म 'सिकंदर' में नजर आने के बाद आयशा को देश के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस 'यशराज फिल्म्स' (YRF) ने साइन किया था। उन्होंने एक वयस्क कलाकार (Adult Actor) के रूप में खुद को ढालने के लिए एक्टिंग, हिंदी उच्चारण और डांस की कड़ी ट्रेनिंग ली थी। वह शेखर कपूर के बड़े प्रोजेक्ट 'पानी' (Paani) का हिस्सा भी बनी थीं, जिसमें उनके साथ दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत नजर आने वाले थे। लेकिन बदकिस्मती से यह प्रोजेक्ट आखिरकार बन नहीं पाया।
उस कठिन दौर को याद करते हुए आयशा ने कहा, "एक समय था जब मैं YRF के साथ साइन थी और मैंने एक्टिंग, भाषा और डांस की बहुत ज्यादा ट्रेनिंग ली। लेकिन जब 'पानी'- जिस फिल्म से मुझे लॉन्च होना था वो नहीं बन पाई, तो मैं थोड़ा असमंजस में पड़ गई थी कि एक एक्टर के तौर पर मेरा भविष्य अब कैसा होगा?"
कम उम्र में ही बड़ी शोहरत हासिल कर लेने के कारण आयशा पर एक एडल्ट एक्ट्रेस के रूप में 'परफेक्ट लॉन्च' का भारी दबाव था। हर तरफ से उन्हें सलाह दी जा रही थी कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
आयशा ने बताया कि उस शोर के बीच उन्होंने ज्यादातर अपने दिल की सुनी। उसी समय उनके परिवार की तरफ से भी दबाव था कि वह कॉलेज वापस जाएं और अपनी पढ़ाई पूरी करें। आखिरकार आयशा ने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया और इंडस्ट्री से कुछ समय के लिए दूरी बना ली।
लंबे ब्रेक का मतलब अक्सर यह निकाल लिया जाता है कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी है, लेकिन आयशा इस सोच को पूरी तरह खारिज करती हैं। उन्होंने कहा, "मुंबई में हमेशा एक तरह का दबाव रहता है कि आप हर वक्त आस-पास दिखें, नेटवर्किंग करें, लोगों से मिलें और यह पक्का करते रहें कि आप काम के लिए उपलब्ध हैं। मैं खुद को हर वक्त प्रमोट करने में कभी अच्छी नहीं रही। मैंने मुंबई और इस इंडस्ट्री के बाहर भी पूरी जिंदगी जी है। लेकिन इसका मतलब यह कभी नहीं था कि मैंने हिंदी सिनेमा के दरवाजे बंद कर दिए हैं। एक्टिंग का जुनून मुझमें हमेशा था और आज भी है।"
आयशा का कहना है कि अब वे सिर्फ इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाए रखने के लिए प्रोजेक्ट्स नहीं लेना चाहतीं, बल्कि ऐसे काम चुनना चाहती हैं जो उनके दिल के करीब हों।