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#MeToo पर खुलकर सामने आए आयुष्मान, कहा- पुरुषों को समझना चाहिए, सहमति क्या है

'मी टू' अभियान के भारत में जोर पकड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए आयुष्मान ने मीडिया से कहा, 'मी टू अभियान एक अच्छा अभियान है
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Oct 21, 2018
ayushmann khurrana
ayushmann khurrana

अभिनेता आयुष्मान खुराना ने यौन शोषण के खिलाफ 'मी टू' अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि पुरुषों को समझना चाहिए कि सहमति क्या है। 'मी टू' अभियान के भारत में जोर पकड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए आयुष्मान ने मीडिया से कहा, 'मी टू अभियान एक अच्छा अभियान है लेकिन साथ ही मुझे लगता है कि दोनों पक्षों को अपनी बात कहने और अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए समान अवसर दिया जाना चाहिए। लेकिन, यह कहने के साथ मैं कहना चाहता हूं कि महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए।'

आयुष्मान ने कहा, 'प्रत्येक कार्यस्थल पर सख्त नियम होने चाहिए। यह केवल कार्यस्थल के बारे में नहीं है बल्कि मुझे लगता है कि समाज के प्रत्येक वर्ग में आचरण-संहिता का पालन किया जाना चाहिए, चाहे वह हमारे परिवार में हो या फिर हम जहां भी रह रहे हों।'

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने 'मी टू' अभियान से निकलकर आए सभी मुद्दों की जांच के लिए चार सेवानिवृत न्यायाधीशों व एक वकील की समिति गठित करने की घोषणा की है। यह पूछने पर कि क्या कार्यस्थलों में उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए इस तरह के उपाय जरूरी हैं, आयुष्मान ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमें इन उपायों को बहुत पहले ही अपना लेना चाहिए था। लेकिन हमने जो भी उपाय किए हैं, वे बिल्कुल ठीक हैं।'

उन्होंने कहा, 'महिलाओं को सुरक्षित महसूस होना चाहिए चाहे वह पत्रकारिता में हो या फिर कहीं भी। हमें हमारी फिल्मों को शूट करने के लिए कभी बाहर भी जाना पड़ता है। हम देर रात तक शूटिंग करते हैं। एक भी महिला को वहां असुरक्षित नहीं महसूस करना चाहिए। साथ ही पुरुषों को समझना चाहिए की सहमति क्या है और बिना इसके आप किसी के साथ कुछ नहीं कर सकते।' आयुष्मान ने कहा, 'कोई भी बिना सहमति के अन्य व्यक्ति को नहीं छू सकता और अगर कोई ऐसा करता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।'

Updated on:
22 Oct 2018 10:55 am
Published on:
21 Oct 2018 11:32 pm