आशा को फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ में काम करने का मौका मिला था। लेकिन डायरेक्टर विजय भट्ट ने उन्हें यह कहकर फिल्म से निकाल दिया कि उनके अंदर स्टार बनने के कोई भी गुण मौजूद नहीं है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस आशा पारेख 1959 से लेकर 1973 तक इंडस्ट्री पर राज किया है। आज उनका बर्थडे है। उनका जन्म 2 अक्टूबर, 1942 को गुजरात के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने बॉलीवुड को कई हिट फिल्में दी हैं। आशा को फिल्म ‘गूंज उठी शहनाई’ में काम करने का मौका मिला था। लेकिन डायरेक्टर विजय भट्ट ने उन्हें यह कहकर फिल्म से निकाल दिया कि उनके अंदर स्टार बनने के कोई भी गुण मौजूद नहीं है। उस टीम में नासिर हुसैन भी थे। उन्हें विजय भट्ट की यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई।
इस घटना के ठीक एक हफ्ते बाद ही नासिर ने आशा को फिल्म ‘दिल दे के देखो’ के लिए साइन कर लिया। यह फिल्म सुपरहिट हुई और आशा पारेख रातोंरात स्टार बन गईं। इस दौरान नासिर ने आशा को लगातार अपनी छह फिल्में साइन करवाईं। इनमें 'तीसरी मंजिल', 'बहारों के सपने', 'प्यार का मौसम', 'फिर वही दिल लाया हूं' और 'जब प्यार किसी से होता है' शामिल थीं। ये सभी फिल्में हिट रहीं।
नासिर के साथ काम करते—करते आशा को उनसे प्यार हो गया। लेकिन नासिर हुसैन पहले से शादीशुदा थे। इसके बावजूद वह उनसे शादी करना चाहती थीं। एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने दिल की बात कही भी थी। उन्होंने कहा था,'मैंने जिंदगी में बस एक ही इंसान को चाहा। मैं कभी उनका घर तोड़ना नहीं चाहती थीं। यही वजह है कि मैं नहीं चाहती थी कि वो मुझसे शादी करें और मैं खुद भी किसी और के साथ इस रिश्ते में नहीं बंधना चाहती थीं। हालांकि आशा की मां ने इस रिश्ते पर अपनी सहमति दे दी थीं लेकिन नासिर हुसैन के परिवार इसके सख्त खिलाफ थे। इसी वजह से आशा ने आज तक शादी नहीं की।