
बॅालीवुड इंडस्ट्री के दिग्गज अदाकारा रेखा 64वां जन्मदिन मना रही हैं। हिंदी सिनेमा में रेखा का नाम उन स्टार्स की लिस्ट में शुमार है जिन्होंने सिनेमाजगत में अपनी एक अनोखी छाप छोड़ी। उनकी अदाकारी से लेकर खूबसूरती का आज भी हर कोई दीवाना है। उन्हें देख कर लगता ही नहीं कि वह अब 64 साल की हो गई हैं। पर जहां वह प्रोफेशनल लाइफ में झंडे गाड़ती रहीं वहीं उनकी पर्सनल लाइफ में उन्हें कभी प्यार नहीं मिला।
रेखा का असली नाम भानु रेखा गणेशन है। उन्होंने महज 13 साल की उम्र से एक्टिंग करना शुरू कर दिया। उनका बचपन फिल्मों के सेट पर ही गुजरा है।
एक इंटरव्यू में रेखा ने बताया था कि, 'मैं कभी भी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थी। लेकिन घर के हालात ने मुझे वहां तक पहुंचा दिया।' आपको जानकर हैरानी होगी कि रेखा को कभी अपने पिता का प्यार नहीं मिला। उनके पिता जैमिनी गणेशन थे। रेखा ने एक बार कहा था कि, 'मुझे नहीं लगता मेरे पिता ने कभी मुझे देखा भी। हां मैंने उन्हें देखा है, उनकी फिल्में देखी हैं, लेकिन रियल लाइफ में कभी महसूस नहीं किया।'
रेखा हमेशा से एक गृहिणी बनने का सपना देखती थीं। उन्होंने बताया था कि, 'मैं कभी एक्ट्रेस नहीं बनना चाहती थी। बस शादी करना, पति के साथ रहना और बहुत सारे बच्चे चाहती थी। ये तो किस्मत थी जो मैं यहां तक (सिनेमा) पहुंच गई। हां मुझे इस बात का मलाल नहीं है, जो मिला उसकी शुक्रगुजार हूं, लेकिन पहले मेरा सपना घर बसाना ही थ।.'
रेखा ने शादी तो की पर किस्मत ने हर बार उनका ख्वाब तोड़ दिया। एक्ट्रेस ने 1990 में मुकेश अग्रवाल से शादी की। पर शादी के महज एक साल के अंदर आत्महत्या कर ली। इसके अलावा रेखा का नाम अमिताभ बच्चन से भी जोड़ा गया।
रेखा ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'वैसे तो काम के मामले में अमित जी से मैं सीनियर हूं, लेकिन उनके सामने खड़े होने के लिए हिम्मत नहीं थी। पहली बार जब शॉट दिया तो घबराकर डायलॉग भूल गई। उन्होंने बस इतना कहा, हो सके तो अपने डायलॉग याद कर लीजिएगा। ये सुनना था और मेरे होश उड़ गए। मैंने उनके जैसा सुलझा, काम के प्रति गंभीरता कहीं नहीं देखी थी। इन सारी चीजों का मुझ पर बहुत असर हुआ।'
रेखा ने अपनी जिंदगी के हर दर्द को खुशी से कुबूला है। उनका सिर्फ इतना ही कहना है, 'मेरी जिंदगी में जो भी हुआ फिर उसका कभी मुझे कितना भी दर्द क्यों नहीं हुआ, लेकिन मैं उन सबकी तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। क्योंकि अगर वो सब नहीं होता, तो आज मैं रेखा नहीं बनती।'