कैलाश खेर को थी इस चीज से मोहब्त, 13 की उम्र में छोड़ा था घर
बॉलीवुड के मशहूर गायक कैलाश खेर आज अपना 46वां जन्मदिवस मना रहे हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुआ था। साथ ही उनके पिता पंडित मेहर सिंह खेर पुजारी थे और अक्सर हो रहे इवेंट्स में ट्रेडिशनल फोक सांग गाया करते थे। कैलाश को बचपन से ही गाने का शौक था और उन्होंने बचपन में ही अपने पिता से म्यूजिक की शिक्षा प्राप्त कर ली थी। हालांकि म्यूजिक से अधिक लगाव रहने के बाद भी बॉलीवुड के गाने सुनने का कभी शौक नहीं था।
जब 13 साल की उम्र में छोड़ा था घर-
कैलाश को गाने से बेहद प्यार था। इसके कारण उन्होंने अपने ही घर वालों से बगावत कर ली और 13 साल की उम्र में ही परिवारों से लड़कर म्यूजिक सीखने दिल्ली चले गए थे। साथ ही दिल्ली जाने के बाद वह म्यूजिक सीखने लगे और पैसे कमाने के लिए दिल्ली आने वाले विदेशियों को संगीत सिखाया करते थे।
जब फिल्म अंदाज में गाने का मौका मिला
बता दें कि कुछ समय बाद कैलाश ऋषिकेश चले गए थे और वहां साधू-संतों के बीच रहकर उनके लिए गाना शुरु कर दिया था। वहां से उन्हें एक अलग राह मिली और मुंबई चले गए। हालांकि मुंबई का शुरुआती दौर उनका सही नहीं रहा था। काफी समय तक वह स्टूडियोज के चक्कर लगातार काटते रहे लेकिन सिर्फ निराशा ही मिली। कुछ दिन बाद राम संपत ने उन्हें एक ऐड का जिंगल गाने के लिए बुलाया इसके बाद उन्हें अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म अंदाज में गाना 'रब्बा इश्क न होवे...' गाने का मौका मिला। बता दें कि कैलाश का ये गाना बहुत ही पॉपुलर हुआ और इससे उन्हें की ऑफर मिलने शुरु हो गए। फिर तो जैसे उन्होंने पीछे मुड़कर ही नहीं देखा इसके बाद उन्होंने अल्लाह के बन्दे, तेरी दीवानी जैसे सपरहिट गाने दिए।