'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) के कई किरदार ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी अलग पहचान बानई है, जिनको लोग जानते नहीं लेकिन फिल्म में उनके किरदार के चलते उनको लोगों की नफरत झेलनी पड़ रही है. उन्हीं में से एक मराठी फिल्मों के एक्टर चिन्मय मंडलेकर (Chinmay Mandlekar) भी हैं, जिन्होंने फिल्म में आतंकी बिट्टा का किरदार निभाया है.
फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) इन दिनों चर्चाओं का विषय बनी हुई है. फिल्म को बेहद पसंद किया जा रहा है. फिल्म कम बजट में बनी बै, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई कर रही है. चारों ओर से इस फिल्म की चर्चा हो रही है. नेता से लेकर अभिनेता तक फिल्म के बारे में अपने ओपिनियन रख रहे हैं. फिल्म में किरदार निभाने वाले सभी कलाकारों को खूब तारीफ मिल रही है. फिल्म को देखने के बाद हर कोई इसको से देखने के लिए लोगों से अपील कर रहा है.
फिल्म में अपना-अपना किरदार निभाने वालों ने अपनी अलग पहचान बानई है. उन्हीं में से कुछ किरदार ऐसे भी हैं, जिनको लोग जानते नहीं लेकिन फिल्म में उनके किरदार के चलते उनको लोगों की नफरत झेलनी पड़ रही है. उन्हीं में से एक हैं मराठी फिल्मों के एक्टर चिन्मय मंडलेकर (Chinmay Mandlekar). फिल्म में चिन्मय ने आतंकी बिट्टा का किरदार निभाया है. चिन्मय मंडलेकर का पूरा नाम चिन्मय दीपक मंडलेकर है. हिंदी सिनेमा मे चिन्मय को लोग नहीं जानते, लेकिन वो मराठी फिल्मों के जाने-माने एक्टर में से एक हैं.
चिन्मय महाराष्ट्र नासिक के रहने वाले हैं. उन्होंने कई मराठी टीवी सीरियल्स और फिल्मों में काम किया है. इसके अलावा चिन्मय क्राइम पेट्रोल के भी कई एपिसोड में नजर आ चुके हैं. 'द कश्मीर फाइल्स' चिन्मय के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. फिल्म के बाद चिन्मय से लोगों को असल में नफरत होने लगी है. अपने एक इंटरव्यू के दौरान चिन्मय ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि 'इस फिल्म को करने के बाद उनके रोल से लोग नफरत करने लगे हैं'.
चिन्मय ने बताया कि 'लोगों ने जो कुछ भी फिल्म देखने के बाद महसूस किया है, जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी थी तब मैंने वैसा ही अनुभव किया था'. उन्होंने आगे बताया कि 'फिल्म में उनका रोल बहुत चुनौती भरा था और उसे करना काफी कठिन था'. बता दें कि फिल्म में आतंकी बिट्टा का किरदार भी ठीक उसी तरीके से दिखाया गया है जिस तरीके से आतंकी ने कश्मीरी पंडितों को उनके घर से बेदखल कर दिया था. विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म के लगभग हर एक सीन को हूबहू उसी तरह से पर्दे पर उतारा है, जैसे असल में हुआ था.