सुरेश वाडेकर से लेकर उषा उत्थुप, शंकर महादेवन, नन्हीं उम्र की रामकष्णन ट्रायो ने संगीत के बेहतरीन मंच सजाए
जयपुर के होटल फेयरमॉन्ट में राजस्थान पत्रिका पेट्रनशिप में आयोजित हुए एमटीवी इंडिया म्यूजिक समिट की तासीर ही कुछ ऐसी रही कि श्रोता इसका आनंद लिए बिना नहीं रह पाए। संगीत के सितारे जब स्वयं मंच पर हों और इन्हें साक्षात देखने सुनने का अनुभव मिले तो इससे बड़ा सौभाग्य क्या होगा! सुरेश वाडेकर से लेकर उषा उत्थुप, शंकर महादेवन, नन्हीं उम्र की रामकष्णन ट्रायो ने संगीत के बेहतरीन मंच सजाए। यह सिलसिला रविवार की दोपहर तक जारी रहा। एमटीवी इंडिया म्यूजिक समिट का दूसरा दिन क्लासिकल यूजिक के नाम रहा। मॉर्निग रागा से लेकर इवनिंग तक देश के नामचीन म्यूजिक एक्सपर्ट ने भारतीय शास्त्रीय यूजिक की खूबसूरती को गायन और वादन के जरिए प्रस्तुत किया।
अजय प्रसन्ना के बांसुरी वादन से हुई शुरूआत:
सहेलियों की बाड़ी पर बने मंच पर पंडित अजय प्रसन्ना का बांसुरी वादन से सुबह की शुरुआत हुई। अजय प्रसन्ना ने बांसुरी की धुनों से उपस्थित ऑडियंस का जमकर मनोरंजन किया। उन्होंने 'राग अहीर भैरव अरे...' से शुरुआत करते हुए बांसुरी की स्वर लहरियों से गुलाबी शहर के सुबह के माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस प्रस्तुति के जरिए उन्होंने इंडियन क्लासिकल यूजिक की विशेषताओं को भी उजागर किया कार्यक्रम में उन्होंने भजन 'पायोजी मैंने राम रतन धन पायो' को पूरे मनोयोग से प्रस्तुत कर माहौल में आध्यात्मिक मिठास भर दी।
श्रुति ने गाया 'राग मियां की तोड़..':
इसके बाद मॉर्निंग रागा सेशन में श्रुति साडोलिकर श्रोताओं से रूबरू हुई। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत 'राग मियां की तोड़ी से...' की। इसमें उन्होंने बंदिश 'अब मोरी नैया पार को सुनाकर...' माहौल को भक्ति रस में भर दिया। इसके बाद उन्होंने कबीर का भजन 'जतन बता के जाई हो...' को सुनाकर सभी से दाद पाई। आखिर में उन्होंने मांड 'बाजूबंद गुम गयो...' को सुनाया।