
Dia Mirza Male Co-stars: दीया मिर्जा को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 25 साल पूरे हो गए हैं और अभी वो बहुत अच्छा काम कर रही हैं। एक्ट्रेस पिछले महीने 'अल्फा' और 'इक्का' फिल्मों में नजर आईं और हाल ही में उन्हें 'ऑपरेशन सफेद सागर' सीरीज में देखा गया। ऑन-स्क्रीन काम के अलावा, दीया सोशल मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में CJP प्रोटेस्ट को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा था, जिसके चलते उनको आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। वहीं कुछ दिनों पहले उन्होंने क्लाइमेट चेंज को पितृसत्ता से जोड़ा था और क्लाइमेट चेंज के प्रति अपने बेटे के नजरिए के बारे में भी खुलकर बात की थी।
एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में, जब उनसे पूछा गया कि अपने विचारों पर होने वाली आलोचना से क्या वह कभी पीछे हटती हैं, तो दीया मिर्जा रेखी ने इस पर खुलकर जवाब दिया, "जब मैं किसी को बोलते हुए सुनती हूं या कोई खबर पढ़ती हूं, तो हमेशा खुद से पूछती हूं कि इसके पीछे क्या मकसद है? और अगर मकसद अच्छा है, और यह अच्छी सोच से आया है, जैसे जानकारी देना, सिखाना, मदद करना और परवाह दिखाना, तो इससे मुझे बुरा नहीं लगता और न ही किसी और को बुरा लगना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि ज्यादातर लोगों ने ऐसा करना बंद कर दिया है। यह समझना बहुत जरूरी है कि जो कहा जा रहा है, उसका मकसद क्या है, और फिर शायद यह तय करना कि आप उससे बुरा मानना चाहते हैं या नहीं।"
दीया ने आगे कहा, "अब मुझे पता है कि जब मैं आवाज उठाती हूं और जिन चीजों के लिए मैं खड़ी रही हूं या जो कुछ भी मैंने कहा है, वो सब परवाह की भावना से आया है, न कि गुस्से या नफरत से। इसलिए, जब कभी विरोध या आलोचना होती है, तो मुझे असहज महसूस नहीं होता। असल में, मैं यह समझने के लिए उत्सुक रहती हूं कि अगर आलोचना हो रही है, तो वह मुझ पर क्यों हो रही है, यह कहां से आ रही है और इसकी जड़ क्या है? क्या यह स्पॉन्सर्ड है या असली? ऐसे कई मौके आए हैं जब मेरे बारे में तरह-तरह की बातें कही गई हैं, तरह-तरह के झूठ फैलाए गए हैं और उनमें से ज्यादातर स्पॉन्सर्ड रहे हैं। इसलिए, यह समझना हमेशा जरूरी है कि यह कहां से और क्यों आ रहा है।"
एक्ट्रेस का मानना है कि जब महिलाएं किसी मुद्दे पर अपनी बात रखती हैं, तो पुरुषों की तुलना में उन्हें ज्यादा आंका जाता है। "यह देखना दिलचस्प है कि जब कोई महिला किसी बात पर अपनी राय रखती है तो लोग बुरा मान जाते हैं, जबकि पुरुषों के साथ ऐसा हमेशा नहीं होता। लेकिन शायद ऐसा इसलिए भी है क्योंकि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में महिलाओं से अक्सर खुलकर बोलने की उम्मीद नहीं की जाती या उन्हें इसकी इजाजत नहीं होती। यह पुरुष प्रधान सोच का असर है, और लोग इसे जिस तरह से लेते हैं या इस पर प्रतिक्रिया देते हैं, वह भी इंडस्ट्री के अंदर उसी सोच का नतीजा होता है।"
उन्होंने बताया, "मेरे साथ कई ऐसे दिलचस्प वाकये हुए हैं जब मेरे साथ काम करने वाले मेल एक्टर्स ने कहा है, 'अरे, ये तो एक्टिविस्ट है, आंदोलन करने वाली है'। और उन्होंने यह बात तारीफ के तौर पर नहीं कही थी। बहुत से लोग अब यह समझ रहे हैं कि अपनी पोजीशन का इस्तेमाल करके आवाज उठाने वाले लोग बहुत कम हैं, और मुझे उम्मीद है कि ज्यादा से जयदा लोग ऐसा करेंगे। एक आर्टिस्ट होना बहुत बड़ी बात है और अगर हमारी कला का इस्तेमाल बदलाव लाने के लिए नहीं किया जाता, तो हमारी कला, हमारी काबिलियत या समाज से मिली हमारी पोजीशन का क्या मतलब है? हमें उस प्यार का सही इस्तेमाल करना चाहिए।"
दीया मिर्जा की हालिया वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इन दिनों चर्चा में है। यह सीरीज 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन और जवानों की बहादुरी की कहानी दिखाती है। सीरीज में दीया मिर्जा भी अहम भूमिका में नजर आ रही हैं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ फिलहाल Netflix पर स्ट्रीम हो रही है।