KRK Bail: ओशिवारा फायरिंग केस में कमाल आर खान को कोर्ट से जमानत मिल गई है। 24 जनवरी से निर्देशक जेल में बंद थे। ज्यादा जानकारी के लिए नीचे पढ़ें पूरी खबर…
KRK Oshiwara Firing Case: 6 दिन जेल में बिताने के बाद डायरेक्टर कमाल राशिद खान (KRK) जेल से रिहा हो जाएंगे। ओशिवारा फायरिंग केस में गिरफ्तार किए गए कमाल आर. खान को कोर्ट से आखिरकार जमानत मिल गई है। 24 जनवरी से जेल में बंद KRK को 25,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत मिली।
उनके वकील सना रईस खान ने दलील दी कि उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी, मनमानी और कानून के खिलाफ थी, क्योंकि गिरफ्तारी से पहले एप्लीकेंट को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के सेक्शन 35(3) के तहत जरूरी नोटिस कभी नहीं दिया गया था।
उन्होंने कहा कि एप्लीकेंट को गिरफ्तारी के खास कारणों के बारे में कभी भी, न तो बोलकर और न ही लिखकर बताया गया, जो भारत के संविधान के आर्टिकल 22(1) और सेक्शन 47 BNSS का उल्लंघन है, जिससे पूरी गिरफ्तारी गलत साबित हुई।
KRK के वकील ने कहा कि एक अनजान आदमी ने दो अलग-अलग फ्लैट्स पर फायरिंग की। दोनों बिल्डिंग्स के बीच की दूरी 400 मीटर है और हथियारों की रेंज 20 मीटर है। उन्होंने एक बयान में कहा, “मैं उस आदमी को नहीं जानता। कोई जान-पहचान वाला नहीं है, फायरिंग का कोई इरादा नहीं था। क्योंकि मैं फेसबुक पर कमेंट करता हूं, इसलिए फिल्म इंडस्ट्री के लोग मुझे टारगेट कर रहे हैं। ऐसा कोई इरादा नहीं था, मेरे पास लाइसेंस है। मैं एक बिजनेसमैन हूं। मैं पिछले कई सालों से मुंबई में हूं, मेरे भागने का कोई चांस नहीं है।”
KRK ने दावा किया है कि फिल्मों, प्रोडक्शन हाउस, एक्टर्स की लगातार बुराई करने की वजह से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े लोग उन पर नजर रख रहे थे, अब वही लोग उनसे बदला नहीं ले रहे हैं।
KRK ने पहले दावा किया था कि फिल्म इंडस्ट्री उन्हें गलत तरीके से टारगेट कर रही है। बांद्रा कोर्ट ने KRK को 24 से लेकर 27 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया था। KRK को कोर्ट में पेश करते समय पुलिस ने कहा कि दो राउंड फायर हुए और एक कार्ट्रिज मिला है। फायरिंग के पीछे का मकसद अभी पता नहीं चला है।
दरअसल, 18 जनवरी 2026 को अंधेरी के ओशिवारा इलाके में फायरिंग हुई थी। जांच में पता चला कि नालंदा सोसाइटी की दूसरी और चौथी मंजिल पर दो गोलियों के निशान मिले। अच्छी बात यह रही कि कोई घायल नहीं हुआ।
शुरुआत में CCTV फुटेज से कुछ खास पता नहीं चल सका। बाद में फोरेंसिक जांच में खुलासा हुआ कि गोलियां शायद KRK के पास वाले बंगले से चली थीं। पूछताछ के दौरान KRK ने बताया कि उन्होंने अपने नाम पर रजिस्टर्ड लाइसेंसी हथियार से गोलियां चलाई थीं। उनका कहना था कि वे बंदूक साफ कर रहे थे और उसे टेस्ट करने के लिए पास के मैंग्रोव इलाके की तरफ निशाना लगा रहे थे, लेकिन तेज हवा की वजह से गोलियां भटककर इमारत में जा लगीं।