DNA Film On OTT: अगर आप सस्पेंस और थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं तो ये फिल्म आप ही के लिए बनी है। इसकी कहानी में वो सबकुछ हैं जो आपको नाखून चबाने पर मजबूर कर देगा।
DNA Film On OTT: अगर आप ऐसी फिल्मों के शौकीन हैं जो शुरुआत से आखिर तक दिमाग को उलझाए रखें, तो हाल ही में ओटीटी पर रिलीज हुई तमिल फिल्म 'डीएनए' आपके लिए खास साबित हो सकती है। सस्पेंस, इमोशन और मनोवैज्ञानिक संघर्ष से भरी यह कहानी एक ऐसे दंपति की है, जिसकी जिंदगी बच्चे के जन्म के बाद अचानक रहस्य और डर से भर जाती है।
फिल्म की कहानी दिव्या नाम की महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक जटिल समस्या से जूझ रही होती है। गर्भावस्था के दौरान ही उसकी मानसिक स्थिति परिवार के लिए चिंता का कारण बन जाती है। बच्चे के जन्म के बाद वह दावा करती है कि अस्पताल ने उसका नवजात बदल दिया है। शुरुआत में कोई भी उसकी बातों पर विश्वास नहीं करता, क्योंकि उसकी बीमारी को ही उसकी कल्पना मान लिया जाता है।
लेकिन कहानी तब दिलचस्प मोड़ लेती है जब उसका पति आनंद, जो खुद अपने अतीत की गलतियों और संघर्षों से गुजर चुका है, पत्नी की बातों को गंभीरता से लेना शुरू करता है। यहीं से सच्चाई की तलाश शुरू होती है और दर्शक एक रोमांचक सफर पर निकल पड़ते हैं।
फिल्म सिर्फ एक सस्पेंस थ्रिलर नहीं है, बल्कि यह दो ऐसे लोगों की कहानी भी है जो अपने-अपने अतीत से घायल हैं। आनंद का किरदार जीवन में गलत फैसलों और नशे की लत से उबरने की कोशिश कर रहा है, जबकि दिव्या समाज की नजरों में ‘समस्या’ बन चुकी है। निर्देशक ने दोनों किरदारों की भावनात्मक जटिलताओं को कहानी में बखूबी पिरोया है।
इस फिल्म का निर्देशन तमिल सिनेमा के चर्चित निर्देशक नेल्सन वेंकटेशन ने किया है, जो पहले भी संवेदनशील विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
फिल्म में दिव्या की भूमिका अभिनेत्री निमिषा सजयन ने निभाई है, जिन्होंने अपने अभिनय से किरदार की मानसिक स्थिति और भावनात्मक टूटन को बेहद वास्तविक बना दिया है। वहीं आनंद के रूप में अथर्व मुरली ने संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दोनों कलाकार पहली बार साथ नजर आए हैं और उनकी केमिस्ट्री कहानी को मजबूती देती है।
करीब 6 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने सिनेमाघरों में सीमित कमाई के बावजूद आलोचकों से खूब सराहना बटोरी। अब ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर रिलीज होने के बाद इसे नए दर्शक मिल रहे हैं। खास बात यह है कि फिल्म हिंदी भाषा में भी उपलब्ध है, जिससे इसकी पहुंच और बढ़ गई है।
‘डीएनए’ उन फिल्मों में से है जो दर्शकों को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं देती, बल्कि सवाल भी छोड़ जाती है- क्या हर शंका भ्रम होती है या कभी-कभी सच्चाई भी उसी में छिपी होती है? कहानी का हर मोड़ दर्शकों को अगला दृश्य देखने के लिए मजबूर करता है।
अगर आपको मनोवैज्ञानिक थ्रिलर, पारिवारिक ड्रामा और रहस्य से भरी कहानियां पसंद हैं, तो ये फिल्म आपकी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए।