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Exclusive: आमिर खान ने फोन कर तारीफ की तो ऐसे लगा जैसे कोई ट्रॉफी मिल गई: गजराज राव

पहले भी मुझे महत्वपूर्ण किरदार मिलते थे, लेकिन 'बधाई हो' की सफलता के बाद मुझे अब सेंट्रल कैरेक्टर मिलने लगे हैं। लोग सोचते हैं मेरे बारे में, यह अंतर आया है और बड़ा सुखद है। यह कहना है अभिनेता गजराव का, जो हाल ही फिल्म 'लूटकेस' में नजर आए। गजराज ने पत्रिका एंटरटेनमेंट के साथ खास बातचीत में अपने अब तक के कॅरियर और पर्सनल लाइफ के अनुभव साझा किए।
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Updated: 18 Aug 2020, 11:30 AM IST
Exclusive interview of Bollywood actor Gajraj Rao
Exclusive interview of Bollywood actor Gajraj Rao

पहले भी मुझे महत्वपूर्ण किरदार मिलते थे, लेकिन 'बधाई हो' की सफलता के बाद मुझे अब सेंट्रल कैरेक्टर मिलने लगे हैं। लोग सोचते हैं मेरे बारे में, यह अंतर आया है और बड़ा सुखद है। यह कहना है अभिनेता गजराव का, जो हाल ही फिल्म 'लूटकेस' में नजर आए। गजराज ने पत्रिका एंटरटेनमेंट के साथ खास बातचीत में अपने अब तक के कॅरियर और पर्सनल लाइफ के अनुभव साझा किए।

दिग्गजों से मिली तारीफ
गजराज राव का कहना है कि उन्हें खुशी है कि लोगों को 'लूटकेस' में मेरा यह किरदार भी पसंद आया। दर्शकों के साथ फिल्म इंडस्ट्री और अन्य क्षेत्रों के दिग्गजों से भी तारीफ मिल रही है। क्रिकेटर यजुवेंद्र चहल को यह फिल्म पसंद आई। अमिताभ बच्चन ने भी फिल्म देखी और उन्हें भी पसंद आई। आमिर खान ने मुझे फोन किया। उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने फिल्म देखी और आपका काम बहुत पसंद आया। उनके साथ वीडियो चैट भी हुई। ये मेरे लिए एक ट्रॉफी की तरह था।'

बनाते हैं विज्ञापन फिल्में

गजराज राव फिल्मों में एक्टिंग के अलावा विज्ञापन फिल्में बनाते हैं और उनका निर्देशन भी करते हैं। गजराज ने बताया, 'दिल्ली में थियेटर में काम करके काफी मजा आता था, लेकिन उससे खर्च नहीं चल पाता था। ऐसे में मैंने थियेटर के साथ पहले टेलरिंग शॉप और कुछ अखबरों के लिए फ्री लांसिंग का काम किया। बाद में मैं विज्ञापन फिल्म निर्माता सुदीप सरकार के साथ जुड़ा और उनको असिस्ट करने लगा। उन्हीं के साथ मुंबई आया। खुद की एककंपनी खोली और विज्ञापन फिल्में बनाने लगा। अभिनय के क्षेत्र में कोई अच्छा काम मिलत है तो वह भी करता हूं।'

ऐसे मिला पहला रोल

गजराज ने बताया, 'तिग्मांशु धूलिया हमारे सीनियर थे और उन्होंने मुझे थियेटर में काम करते देखा तो उन्हें मेरा काम पसंद आया। वह मुझे शेखर कपूर से मिलाने ले गए थे। शेखर जी उस वक्त 'बैंडिट क्वीन' फिल्म बना रहे थे। मैं 'धर्मयुग' नाटक की कुछ लाइनें याद करके गया था, लेकिन शेखर जी ने कुछ सुना ही नहीं। उन्होंने बस इतना पूछा कि कैमरे से डरता तो नहीं है। मुझे लगा कि इन्हें मैं पसंद नहीं आया। हफ्तेभर बाद मुझे तिग्मांशु धूलिया का फोन आया कि मुझे रोल मिल गया है। मेरे लिए यह किसी चमत्कार जैसा था।

करेंगे वेब शो का निर्देशन

गजराज राव एक वेब शो का निर्देशन भी करने जा रहे हैं। इस बारे में उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले ही इस पर काम शुरू हो गया था, लेकिन इसमें थोड़ा समय लगेगा। अगले वर्ष तक हमारी स्क्रिप्ट पूरी हो जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।

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