30 जनवरी 1930 को अजमेर में पैदा हुए बासु को रोमांटिक फिल्मों का भगवान भी कहा जाता है।
बॉलीवुड को एक के बाद बड़े झटके लग रहे हैं। पहले इरफान खान, ऋषि कपूर का निधन हुआ। इंडस्ट्री इन दो बड़े झटकों से उबरी भी नहीं थी कि हाल ही म्यूजिक कंपोजर वाजिद खान का इंतकाल हो गया। इसके बसद बुधवार को वरिष्ठ गीतकार अनवर सागर के निधन की खबर और गुरुवार सुबह दिग्गज फिल्ममेकर बासु चटर्जी के निधन की खबर से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
90 वर्षीय बासु चटर्जी के निधन की खबर IFTDA के प्रमुख अशोक पंडित ने ट्विटर पर शेयर की। इसके बाद यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। बॉलीवुड सितारे उन्हें सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
30 जनवरी 1930 को अजमेर में पैदा हुए बासु को रोमांटिक फिल्मों का भगवान भी कहा जाता है। बासु दा ने 30 से ज्यादा रोमांटिक फिल्में बनाई। साथ ही उन्होंने अमोल पालेकर, जरीना वहाब, टीना मुनीम जैसे सितारों को ब्रेक दिया। उन्होंने कॅरिअर के शुरुआती 18 साल बतौर इलस्ट्रेटर और कार्टूनिस्ट के रूप में काम किया था और बाद में फिल्ममेकिंग को चुना। बासु दा ने 'रजनीगंधा', 'बातों-बातों में', 'एक रुका हुआ फैसला' और 'चमेली की शादी' जैसी यादगार और रोमांटिक फिल्में बनाई। उन्हें 7 बार फिल्म फेयर अवॉर्ड, 2007 में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिला।