
Aamir Khan And Sunny Deol Clashed At Box Office: 15 जून 2001 हिंदी सिनेमा के इतिहास की उन चुनिंदा तारीखों में शामिल है, जब 2 बिल्कुल अलग फिल्मों ने एक साथ रिलीज होकर इतिहास रच दिया। बता दें, एक तरफ थी सनी देओल और अमीषा पटेल स्टारर 'गदर: एक प्रेम कथा', तो दूसरी ओर आमिर खान की 'लगान'। इसमें सबसे मजेदार बात ये है कि दोनों फिल्में एक ही दिन सिनेमाघरों में आईं, लेकिन दोनों का रास्ता और दर्शकों पर असर बिल्कुल अलग था।
'गदर' में सनी देओल के तारा सिंह ने देशभक्ति, प्यार और गुस्से का ऐसा कॉम्बो था कि दर्शक सीटियां बजाने पर मजबूर हो गए। फिल्म का हैंडपंप वाला सीन आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार सीन में गिना जाता है। रिलीज के बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और अपने दौर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई।
तो वहीं दूसरी ओर, 'लगान' ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना। लगभग 4 घंटे लंबी इस फिल्म में क्रिकेट, गांव की कहानी और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष को दिखाया गया। हालांकि, शुरुआत में कई लोगों को लगा कि क्रिकेट पर बनी इतनी लंबी फिल्म शायद नहीं चलेगी, लेकिन रिलीज के बाद इसकी कहानी, म्यूजिक और इमोशनल क्लाइमैक्स ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
जहां फिल्म 'गदर' ने सिंगल स्क्रीन थिएटरों में भीड़ का नया रिकॉर्ड बनाया, तो वहीं 'लगान' ने भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। दरअसल, फिल्म को 2002 में ऑस्कर के बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला और ये भारतीय फिल्मों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई।
दरअसल, इन फिल्मों ने सनी देओल और आमिर खान के करियर की दिशा भी तय की। इसके साथ ही, सनी देओल "मास हीरो" के रूप में और मजबूत हुए, जबकि आमिर खान कंटेंट-ड्रिवन और सिनेमा के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हो गए। बता दें, आज 25 साल बाद भी 'गदर' और 'लगान' की चर्चा इसलिए होती है क्योंकि एक फिल्म ने जनता का दिल जीता और दूसरी ने दुनिया का सम्मान। 15 जून 2001 सिर्फ 2 फिल्मों की रिलीज डेट नहीं थी, बल्कि हिंदी सिनेमा के दो अलग-अलग रास्तों की शुरुआत थी।