
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के बाद से ही देश में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जिसने सभी को हिला कर रख दिया। कोई सब्जी पर थूक लगा रहा है तो कोई बर्तनों पर अपना थूक लगा कर खाना परोस रहा है। हालांकि कुछ वीडियोज़ फेक भी बताई गईं। ऐसे में पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक तारिक फतेह (Tarek Fatah) ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कैमरे के पीछे से एक वयक्ति एक बूढे़ फल विक्रेता पर बोतल में गंदा पानी भरकर उसे रेड़ी पर रखे केलों पर छिड़कने का आरोप लगा रहा है। जिसका बाद वह बूढ़ा व्यक्ति कान पकड़कर अपनी गलती मानते हुए माफी मांग रहा है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए तारिक फतेह ने ट्विटर पर लिखा- 'मेरी कम्युनिटी को ये क्या गया है। हम मुस्लिम क्या बन चुके हैं।' जिसके बाद गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने नाराजगी जताते हुए तारिक फतेह को जवाब में लिखा- 'ये क्या बकवास है। अगर कोई मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति इस इरादे से किसी जगह जाएगा तो क्या वह सार्वजनिक तौर पर ऐसा करेगा। क्या वह घर से ही बोतल भरकर नहीं लाएगा। क्या आप इस व्यक्ति का और इस शहर का नाम दे सकते हैं। अपनी जानकारी के स्त्रोत को बदलें।'
इससे पहले जावेद अख्तर ने एक ट्वीट में तारिक फतेह को विश्व हिंदू परिषद का प्रवक्ता बता दिया। जावेद अख्तर ने ट्वीट करते हुए लिखा- 'एक समय था जब मैं तारिक फतेह को उनकी बैखौफ लेखनी और ISIS जैसे संगठनों के खिलाफ निडर होकर बोलने के लिए उनकी इज्जत करता था, लेकिन अब वह विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। मुझे उन पर दया आती है।' जिसके जवाब में तारिक फतेह ने ट्वीट किया था- 'आपने ये बता दिया कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाले और उर्दू बोलने वाले अधिकांश मुसलमानों की त्वचा के नीचे हिंदुओं से नफरत करने वाला एक इस्लामिस्ट रहता है। तारिक फतेह ने आगे लिखा- जिस तरह जिन्ना और इकबाल जिहादी बन गए ठीक उसी तरह आपका भी नाम हिंदुओं से नफरत करने वाले हॉल ऑफ फेम लिस्ट में जोड़ा जाएगा। मुबारक हो कामरेड।'