
Kabir Khan Post On Kartik Aaryan National Award: बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) ने अपने एक्टिंग करियर में एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम मुकाम हासिल कर लिया है। 22 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में कार्तिक आर्यन को ब्लॉकबस्टर फिल्म 'चंदू चैंपियन' (Chandu Champion) में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए बेस्ट एक्टर के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी को लेकर डायरेक्टर कबीर खान ने कार्तिक आर्यन के लिए एक शानदार पोस्ट शेयर किया है।
फिल्म 'चंदू चैंपियन' के निर्देशक कबीर खान (Kabir Khan) ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर कार्तिक आर्यन के साथ एक खूबसूरत तस्वीर शेयर की है और नेशनल अवॉर्ड को लेकर जश्न मनाया है। कबीर खान ने कार्तिक के समर्पण की तारीफ करते हुए लिखा, "हमेशा शेर की चाल चलना मेरे चैंपियन… अपनी उस अनोखी और जादुई हंसी के साथ।"
वहीं, कार्तिक आर्यन ने इस बड़ी सफलता का श्रेय फिल्म के डायरेक्टर कबीर खान और प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला को दिया है। उन्होंने कहा कि बड़े पर्दे पर देश के पहले पैरालंपिक चैंपियन मुरलीकांत पेटकर जी का किरदार निभाना उनके लिए बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी।
नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद कार्तिक आर्यन ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और दिल को छू लेने वाला संदेश शेयर किया था। उन्होंने अपनी जड़ों और संघर्ष के दिनों को याद करते हुए लिखा, "ग्वालियर के उस मम्मा के लड़के को प्यार से मुस्कुराते हुए देखना, जिसने एक छोटे शहर से एक्टर बनने का सपना देखा था… आखिरकार मैंने उस पल को जिया। मैं अभी भी उत्साह और घबराहट से सुन्न हूं। यह देश के हर उस एक्टर का सपना होता है। आज मैं गर्व से कह सकता हूं- 'चंदू नहीं, चैंपियन हूं मैं!'"
कार्तिक ने आगे लिखा कि 'चंदू चैंपियन' बनने का यह सफर शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद दर्दनाक और कठिन था, लेकिन आज इसका नतीजा 'रसमलाई' जितना मीठा लग रहा है।
अपनी इस ऐतिहासिक जीत को कार्तिक ने उन सभी लोगों को समर्पित किया जिन्होंने उनके बुरे वक्त में उनका साथ दिया। उन्होंने अपने माता-पिता के प्यार और आशीर्वाद को अपनी असली रीढ़ की हड्डी (Spine) बताया। इसके साथ ही उन्होंने दोस्तों, अपनी पूरी टीम, भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, जूरी और माननीय राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त किया।
कार्तिक ने अपना यह अवॉर्ड देश के हर उस पैरालंपियन और संघर्ष करने वाले व्यक्ति को समर्पित किया जो नामुमकिन सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। आखिर में उन्होंने बप्पा का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा- "गणपति बप्पा मोरया, यह तो बस कई और पड़ावों की शुरुआत है!"