बॉलीवुड

करण जौहर के साथ छत्तीस के आंकड़े पर कंगना रनौत की दो टूक, बोलीं- वो बहुत ही दिखावटी हैं

Kangana Ranaut On Karan Johar: कंगना रनौत ने हाल ही में फिल्ममेकर करण जौहर को लेकर बात की है। दोनों के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है।
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Apr 16, 2026
Kangana-Karan
Kangana-Karan (सोर्स- एक्स)

Kangana Ranaut On Karan Johar: बॉलीवुड में विवाद और बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली कंगना रनौत एक बार फिर अपने पुराने चर्चित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। हालांकि इस बार उनका अंदाज पहले से थोड़ा अलग नजर आया। एक इंटरव्यू में कंगना ने फिल्ममेकर करण जौहर को लेकर अपनी राय साफ करते हुए कहा कि वो उन्हें बुरा इंसान नहीं मानतीं, लेकिन उन्हें दिखावटी जरूर मानती हैं।

कंगना ने करण जौहर पर क्या कहा? (Kangana Ranaut On Karan Johar)

दरअसल, यह वही विवाद है जिसने कई साल पहले फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म पर बड़ी बहस छेड़ दी थी। एक चैट शो में कंगना ने करण जौहर को “नेपोटिज्म का झंडाबरदार” कहा था। उस बयान के बाद दोनों के बीच रिश्तों में खटास खुलकर सामने आई थी और इंडस्ट्री में भी पक्ष-विपक्ष की स्थिति बन गई थी। अब इतने सालों बाद कंगना ने उसी मुद्दे पर संतुलित अंदाज में अपनी बात रखी है।

करण जौहर को लेकर क्या बोलीं कंगना?

ANI के साथ हालिया बातचीत में कंगना ने कहा कि वह करण जौहर को खराब इंसान नहीं समझतीं। उनके मुताबिक करण का व्यक्तित्व ग्लैमर और दिखावे से जुड़ा हुआ है और वह उसी छवि के साथ सहज भी हैं। कंगना का मानना है कि करण जौहर का हास्यबोध काफी अच्छा है और वह अपने अंदाज पर गर्व करते हैं। यही वजह है कि अब उनके बीच व्यक्तिगत स्तर पर कोई खास विवाद नहीं है।

‘कॉफी विद करण’ विवाद को फिर किया याद

कंगना ने उस पुराने शो का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय वह इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। उनके मुताबिक कई बार ऐसा महसूस होता है कि लोगों को किसी खास दायरे में फिट होने का दबाव झेलना पड़ता है, लेकिन अगर कोई पहले से अलग पहचान बना चुका हो तो उसे दूसरों जैसा बनने की जरूरत नहीं होती।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उस दौर में उनके पहनावे और भाषा को लेकर मजाक उड़ाया गया था। ऐसे अनुभवों ने उन्हें अंदर से मजबूत बनाया और अपने पक्ष में खुलकर बोलने की हिम्मत दी।

इंडस्ट्री में ‘गुटबाजी’ और ‘विच हंटिंग’ का आरोप

कंगना ने यह भी कहा कि उस समय उनके खिलाफ माहौल बनाया गया था। उनके अनुसार इंडस्ट्री के कुछ प्रभावशाली लोगों ने एकजुट होकर उन्हें निशाना बनाया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कई तरह के आरोपों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, यहां तक कि अंधविश्वास से जुड़े आरोप भी लगाए गए।

कंगना का कहना है कि जब कोई कलाकार अपने दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करता है तो उसे कई तरह की चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। लेकिन उन्हीं मुश्किल हालातों ने उन्हें और ज्यादा आत्मनिर्भर बनाया।

आज पीछे मुड़कर देखने पर क्या सोचती हैं कंगना?

बीते घटनाक्रम को याद करते हुए कंगना का कहना है कि उस समय उन्होंने जो भी कहा, वो परिस्थितियों के अनुसार सही लगा। अब जब वो पीछे मुड़कर देखती हैं तो उन्हें लगता है कि उन्होंने अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं किया और वही सबसे जरूरी था।

कंगना के इस बदले हुए लेकिन स्पष्ट रुख ने एक बार फिर बॉलीवुड में नेपोटिज्म और स्टार सिस्टम पर चर्चा को हवा दे दी है। साथ ही यह भी दिखाता है कि समय के साथ रिश्तों और विचारों में बदलाव आना स्वाभाविक है।

Updated on:
16 Apr 2026 09:30 pm
Published on:
16 Apr 2026 09:30 pm