करण ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अक्सर महसूस किया कि उनके माता-पिता एक बेहतर बेटे के हकदार थे। जानिए पूरा मामला...
'बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक, लेखक और टीवी होस्ट करण जौहर का जीवन चमकदार सितारों और ग्लैमर की चकाचौंध से भरा है। धर्मा प्रोडक्शन्स के मुखिया के रूप में उनका नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। हालांकि, करण के जीवन में बचपन से ही कई चुनौतियों और संघर्षों का सामना करना पड़ा है। हाल ही में, एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी जीवन की चुनौतियों के बारे में खुलासा किया।
करण जौहर ने तीन साल की उम्र से ही बॉडी शेमिंग का सामना किया। एक बातचीत में उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें अपनी पहचान और आत्मसम्मान की लड़ाई लड़नी पड़ी। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि बचपन में मैं बहुत असफल रहा। मुझे लगा कि मैं अपने माता-पिता को निराश कर रहा हूं। मुझे लगा कि मैं वह लड़का नहीं हूं, जो उन्हें मिलना चाहिए था।"
करण ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने संघर्षों को अपने तक ही सीमित रखा और किताबों और फिल्मों में सुकून ढूंढा। तीन साल की उम्र में एक प्रतियोगिता के दर्दनाक पलों को याद करते हुए करण ने कहा, ''यह प्रतिभा प्रतियोगिता थी और हर कोई प्रदर्शन कर रहा था। मैंने डांस किया। मैं बता सकता हूं कि कुछ लोग मजाक कर रहे थे और हंस रहे थे और मेरी मां दर्शकों में थीं।''
करण ने बताया कि उन्होंने अपनी आवाज को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक बोलने की कक्षाएं लीं, जिसका उद्देश्य उनका आत्मविश्वास बढ़ाना था। कॉलेज के दिनों में भी उन्हें फिट होने के लिए एक नए तरह के दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने वॉयस मॉड्यूलेशन कक्षाएं लीं ताकि वह अपनी आवाज और आत्मविश्वास को सुधार सकें।
करण ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अक्सर महसूस किया कि उनके माता-पिता एक बेहतर बेटे के हकदार थे। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा मानने के लिए तैयार किया गया था क्योंकि मैं लड़कों से अलग था। मैं अपने स्कूल के बाकी सभी लड़कों से अलग था।"