
Nora Fatehi (सोर्स-एक्स)
Nora Fatehi Birthday: मुंबई मायानगरी है- ये सपना भी देती है और इम्तिहान भी। यहां हर रोज हजारों लोग उम्मीदों की गठरी लेकर आते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही उस मुकाम तक पहुंच पाते हैं, जहां नाम, शोहरत और दौलत तीनों साथ चलें। फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत की भूमिका जितनी बड़ी होती है, उससे कहीं ज्यादा बड़ी भूमिका संघर्ष, धैर्य और खुद पर भरोसे की होती है। ऐसी ही एक कहानी है बॉलीवुड की ‘डांसिंग क्वीन’ कही जाने वाली नोरा फतेही की, जिनका सफर 5000 रुपये से शुरू होकर करोड़ों की कमाई तक पहुंचा है।
6 फरवरी 1992 को कनाडा के टोरंटो में जन्मीं नोरा फतेही मोरक्कन मूल के मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका बचपन कनाडा में बीता, जहां सुविधाओं की कोई कमी नहीं थी। लेकिन नोरा का दिल हमेशा कैमरे, स्टेज और डांस की दुनिया में बसता था। परिवार रूढ़िवादी था और डांस को करियर के तौर पर देखने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन नोरा ने कम उम्र में ही ठान लिया था कि उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी है।
करीब 11 साल पहले, जब नोरा भारत आईं, तब उनके पास सिर्फ 5000 रुपये थे। न कोई गॉडफादर, न कोई मजबूत संपर्क और न ही हिंदी भाषा का ज्ञान। इसके बावजूद उन्होंने मुंबई जैसे महंगे और बेरहम शहर को अपना मैदान बना लिया।
संघर्ष के शुरुआती दिनों में नोरा की जिंदगी बेहद कठिन थी। उन्होंने खुद इंटरव्यू में बताया है कि वो मुंबई में एक 3BHK फ्लैट में 9-10 लोगों के साथ रहती थीं। एक ही कमरे में दो और लड़कियों के साथ सोना, सीमित संसाधनों में गुजारा करना और रोज़ खुद से सवाल करना- 'मैं यहां क्यों आई?'- उन दिनों का हिस्सा था।
कई बार हालात ऐसे हो जाते थे कि खाने के लिए भी पूरे पैसे नहीं होते थे। नोरा ने खुलासा किया कि वो कई दिनों तक सिर्फ एक रोटी और एक अंडा खाकर दिन गुजारती थीं। उस दौर में उनका ज्यादातर पैसा एजेंट्स और बिचौलियों के पास चला जाता था, जो काम दिलाने के नाम पर मोटा कमीशन काट लेते थे।
नोरा फतेही के लिए सबसे बड़ा झटका ये था कि जितनी मेहनत वे करती थीं, उसका फल उन्हें नहीं मिलता था। काम दिलाने वाले एजेंट्स उनकी फीस का बड़ा हिस्सा रख लेते थे और उन्हें बेहद कम रकम मिलती थी। कई बार ऐसा भी हुआ कि काम मिलने के बाद भी पेमेंट समय पर नहीं हुई।
हिंदी भाषा न आने की वजह से उन्हें तानों, मजाक और भद्दे कमेंट्स का भी सामना करना पड़ा। ऑडिशन के दौरान कई लोग उनके एक्सेंट पर हंसते थे। कई रातें रोते हुए बीतीं, लेकिन नोरा ने हार नहीं मानी। इसके अलावा रंग-रूप को लेकर भी उन्हे कई बार बुरे कमेंट्स मिलते थे।
नोरा फतेही की असली ताकत उनका डांस था। उन्होंने फिल्म ‘रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन’ से बॉलीवुड डेब्यू किया, लेकिन पहचान धीरे-धीरे बनी। साउथ फिल्मों में उन्होंने ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ के गाने ‘मनोहारी’, ‘टेम्पर’, ‘किक 2’, ‘लायन’ और ‘लोफर’ जैसे गानों में धमाकेदार परफॉर्मेंस दी। इन गानों ने इंडस्ट्री का ध्यान उनकी ओर खींचा, लेकिन असली गेमचेंजर अभी बाकी था।
नोरा फतेही के करियर का सबसे बड़ा मोड़ सलमान खान का रियलिटी शो ‘बिग बॉस 9’ साबित हुआ, जहां उन्होंने वाइल्ड कार्ड एंट्री ली। शुरुआत में उन्हें जज किया गया, लेकिन जैसे-जैसे शो आगे बढ़ा, दर्शकों ने उनके आत्मविश्वास, मेहनत और डांस टैलेंट को पहचाना।
‘बिग बॉस’ ने नोरा को घर-घर तक पहुंचा दिया। यही वह मंच था, जिसने उन्हें सिर्फ “विदेशी डांसर” से आगे बढ़ाकर एक मजबूत एंटरटेनर के रूप में स्थापित किया।
2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ के गाने ‘दिलबर दिलबर’ ने नोरा फतेही की किस्मत पलट दी। यह गाना न सिर्फ सुपरहिट हुआ, बल्कि नोरा रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। इसके बाद ‘ओ साकी साकी’, ‘कमरिया’, ‘कुसु कुसु’, ‘गर्मी’, ‘एक तो कम जिंदगानी’ जैसे गानों ने उन्हें ‘डांसिंग क्वीन’ का खिताब दिला दिया।
जिस नोरा फतेही के पास कभी खाने के पैसे नहीं थे, वही नोरा आज एक फिल्म के लिए करीब 1 करोड़ रुपये और एक आइटम सॉन्ग के लिए 2–3 करोड़ रुपये चार्ज करती हैं। सिर्फ पांच मिनट के गाने के लिए उन्हें लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों मिलते हैं।
फिल्मों के अलावा नोरा म्यूजिक वीडियोज, विज्ञापनों और सोशल मीडिया ब्रांड प्रमोशन से भी मोटी कमाई करती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं और उनका हर डांस वीडियो मिनटों में वायरल हो जाता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोरा फतेही की कुल संपत्ति करीब 40 से 70 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। महंगी कारें, आलीशान घर और लग्जरी लाइफस्टाइल आज उनके संघर्ष की गवाही देती है।
Updated on:
06 Feb 2026 08:47 am
Published on:
06 Feb 2026 08:46 am
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