
राजपूत समुदाय के एक संगठन श्री राजपूत करणी सेना ने कहा कि अगर फिल्मकार संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' में तथ्यों को 'विकृत' किया जाता है, तो वह इस फिल्म की स्क्रीनिंग का विरोध करेगी। श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक और संस्थापक लोकेंद्र सिंह काल्वी ने आईएएनएस से कहा, "लगभग 20 दिन पहले भंसाली की टीम से किसी ने फोन किया था और हमें फिल्म देखने के लिए कहा था। लेकिन, हमने उन्हें फिल्म को इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों को दिखाने के लिए कहा। उसके बाद से हमारी उनसे बात नहीं हुई।" उनका बयान फिल्म के फस्र्ट लुक की रिलीज के बाद आया। इस फिल्म में दीपिका पादुकोण रानी पद्मिनी या चित्तौड़ की पद्मावती का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में रणवीर सिंह अल्लाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभा रहे हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने भंसाली की 'पद्मवती' की टीम के लोगों के साथ दुव्र्यवहार किया था, उपकरणों को तोड़ दिया था और फिल्म के विरोध में प्रदर्शन किया था। उन्होंने दावा किया था कि निर्माता फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को विकृत रहे हैं। काल्वी ने कहा, "हम किसी भी कीमत पर फिल्म में विकृत तथ्यों को दिखाए जाने की अनुमति नहीं देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि फिल्म भारत के आधे हिस्से में प्रदर्शित ना हो सके।" करणी सेना ने दावा किया कि किसी भी किताब में यह नहीं लिखा कि 13वीं-14वीं सदी में दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश के एक शक्तिशाली शासक अलाउद्दीन खिलजी को पद्मावती से प्यार हुआ था या वह उनका प्रेमी था।
करणी सेना के एक कार्यकर्ता ने कहा, "वे ऐतिहासिक तथ्यों को विकृत करके पद्मावती को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्वीकार्य नहीं है।" ऐसे में सवाल यह उठता है कि ‘पद्मावती’ को लेकर राजपूतों में जो आक्रोश है, वह अभी थमा नहीं है और यदि फिल्म में खिलजी और पद्मावती के बीच प्यार वाली बात आई, तो यह पक्का है कि करणी सेना न सिर्फ इसका विरोध करेगी, बल्कि फिल्म का रिलीज भी नहीं होने देगी।